Friday , December 15 2017

आलमी मआशी फ़ोर्म से ख़िताब

(दिल्ली इजतिमाई इस्मतरेज़ि की मुतास्सिरा से मंसूब ) इंसाफ़ और सनफ़ी मुसावात की जज़बाती अपील करते हुए बैन-उल-अक़वामी मालियती फ़ंड की सरबराह क्रिस्टियन लागार्ड ने दिल्ली के इजतिमाई इस्मतरेज़ि वाक़िया का आलमी मआशी फ़ोर्म से अपने ख़िताब मे

(दिल्ली इजतिमाई इस्मतरेज़ि की मुतास्सिरा से मंसूब ) इंसाफ़ और सनफ़ी मुसावात की जज़बाती अपील करते हुए बैन-उल-अक़वामी मालियती फ़ंड की सरबराह क्रिस्टियन लागार्ड ने दिल्ली के इजतिमाई इस्मतरेज़ि वाक़िया का आलमी मआशी फ़ोर्म से अपने ख़िताब में तज़किरा करते हुए पुरज़ोर तवक़्क़ो ज़ाहिर की कि हिंदूस्तानी ख़वातीन के लिए अज़ीम तर एहतिराम और इन्साफ़ रसानी फ़राहम की जानी चाहीए।

उन्होंने नौजवान दहशतगर्दी की मुतास्सिरा पाकिस्तानी लड़की मलाला यूसुफ़ ज़ई का भी अपने ख़िताब में तज़किरा किया। उन्होंने कहा कि वो (आलमी मआशी फ़ोर्म के सालाना इजलास से ख़िताब के लम्हात को) पाकिस्तान की बेटी मलाला यूसुफ़ ज़ई और हिंदूस्तान की (इजतिमाई इस्मतरेज़ि की मुतास्सिरा) बेटी से मंसूब करती हैं।

हिंदूस्तान का तज़किरा करते हुए आई एम एफ़ की मैनेजिंग डायरेक्टर ने पुरज़ोर अंदाज़ में कहा कि हिंदूस्तानी ख़वातीन की तवक़्क़ुआत की तकमील होनी चाहीए। पालिसी साज़ मुसावी तक़सीम और सनफ़ी मुसावात के अहम मसाइल पर तवज्जा देने से क़ासिर रहे हैं। मुम्किन है कि ये सवाल किया जाये कि इन वाक़ियात का मईशत से क्या ताल्लुक़ है।

मईशत और मुसावात दोनों मुसावी तौर पर ख़ुशहाली के ज़िम्मेदार होते हैं और पालिसी साज़ों को दोनों पर मुसावी तवज्जा देनी चाहीए।

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