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आला तालीम में इस्लाहात केलिए हुकूमत कोशां: कपिल साइबल्

नई दिल्ली २१ नवंबर (पी टी आई) हुकूमत तवक़्क़ो है कि आला तालीमी शोबा में अपने इस्लाहात के एजंडा को परज़ोर तरीक़ा से पेश करने की कोशिश करेगी। आने वाले पारलीमानी सरमाई सैशन के दौरान मुजव्वज़ा क़वानीन पर ग़ौर किया जाएगा।

नई दिल्ली २१ नवंबर (पी टी आई) हुकूमत तवक़्क़ो है कि आला तालीमी शोबा में अपने इस्लाहात के एजंडा को परज़ोर तरीक़ा से पेश करने की कोशिश करेगी। आने वाले पारलीमानी सरमाई सैशन के दौरान मुजव्वज़ा क़वानीन पर ग़ौर किया जाएगा।

वज़ीर फ़रोग़ इंसानी वसाइल कपिल साइबल् ने पहले ही इस मौज़ू पर कांग्रेस और अपनी हलीफ़ पार्टीयों से ताल्लुक़ रखने वाले अरकान-ए-पार्लीमैंट से तबादला-ए-ख़्याल किया है।

मुजव्वज़ा क़वानीन की पुरसुकून मंज़ूरी के लिए सरमाई सैशन को पुरअमन तरीक़ा से चलाने पर भी ज़ोर दिया गया। पार्लीमैंट में ग़ौर-ओ-ख़ौज़ करने के लिए जिन अहम बिलों को पेश किया जा रहा है इन में से एक बल तालीमी टरीबीवनलस बिल 2010 भी शामिल है।

इस बल को गुज़श्ता साल मानसून सैशन में कपिल सिब्बल की पार्टी के रफ़ीक़ किशॊरव् की जानिब से पारलीमानी कमेटी की सिफ़ारिशात का एहतिराम करने पर ज़ोर दिए जाने के बाद मोख़र करदिया गया था। वज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल को मानसून सैशन में दबाव् का सामना करना पड़ा था। इस साल भी इन आई टेबल और आई आई आई टी डी ऐंड ऐम कांची नरम बल जैसे बाअज़ क़वानीन को मंज़ूर ना करने पर हुकूमत दबाव् का शिकार हुई थी।

कपिल सिब्बल ने इन बिलों की मंज़ूरी को रोकने के लिए अपोज़ीशन को ज़िम्मेदार ठहराया था। इस मर्तबा भी बिलों की अदम मंज़ूरी के बाइस इस्लाहात का अमल सुस्त रफ़्तारी का शिकार हुआ है। वज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल के एक सीनीयर ओहदेदार ने बतायाकि बिलों की पुरसुकून मंज़ूरी के बाद ही तालीम से मुताल्लिक़ सारे उमूर इतमीनान बख़श तरीक़ा से पूरे हो जाएंगी।

इंस्टीटियूट आफ़ टैक्नालोजी (तरमीमी) बिल 2011-ए-भी अपनी मंज़ूरी के लिए मुंतज़िर है। दीगर बिलों में सैंटर्ल एजूकेशनल इंस्टीटयूशंस तरमीमी बल और इंस्टीटियूट आफ़ टैक्नालोजी तरमीमी बल पर ग़ौर किया जाना बाक़ी है ताकि मुल्क में नए 8 आई आई टीज़ को लाया जा सकी।

आरकीटकट तरमीमी बिल 2010-ए-कापी राईट तरमीमी बिल 2010-ए-और इतफ़ाल को मुफ़्त तालीम का हक़ और लाज़िमी तालीम (तरमीमी) बल पर भी पार्लीमैंट के सरमाई सैशन में ग़ौर किया जाएगा। सारी तवज्जा एजूकेशनल टरीबीवनल बल पर मर्कूज़ रहेगी जिस में एजूकेशनल टरीबीवनल के क़ियाम को मूसिर बनाने और इस की कारकर्दगी को तेज़ तर करने केलिए ज़ोर दिया जा रहा है।

इस बल की मंज़ूरी से असातिज़ा और दीगर उम्मीदवारों के तनाज़आत हल करलिए जाएंगी। आला तालीम में जारी ग़ैर मुंसिफ़ाना अवामिल में मुलव्वस अफ़राद और ओहदेदारों केलिए भी जुर्माने आइद किए जाने की तजावीज़ हैं। वज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल के एक सीनीयर ओहदेदार ने कहा कि टरीबीवनल बल की मंज़ूरी से दीगर तमाम अहम बिलों को राहत मिलेगी।

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