Wednesday , September 26 2018

आसाम के बेघर 5 लाख मुस्लमानों की बाज़ आबादकारी पर ज़ोर

आसाम में हालिया फ़िर्कावाराना फ़सादाद और बड़े पैमाने पर मुस्लिम कुशी के वाक़ियात के ख़िलाफ़ नई दिल्ली में आज धरना मुनज़्ज़म किया गया । जंतर मंत्र पर मुनाक़िदा धरना प्रोग्राम में आसाम के 200 शहरीयों ने शिरकत की ।

आसाम में हालिया फ़िर्कावाराना फ़सादाद और बड़े पैमाने पर मुस्लिम कुशी के वाक़ियात के ख़िलाफ़ नई दिल्ली में आज धरना मुनज़्ज़म किया गया । जंतर मंत्र पर मुनाक़िदा धरना प्रोग्राम में आसाम के 200 शहरीयों ने शिरकत की ।

मुस्लिम तंज़ीमों और 31 मुख़्तलिफ़ तंज़ीमों के ग्रुपस यूनाईटेड मूवमैंट फ़ार पीपल्ज़ राईट्स के बयानर तले मुनज़्ज़म करदा धरने में मुख़्तलिफ़ सयासी , समाजी और सहाफ़ती शोबों से वाबस्ता अफ़राद ने हिस्सा लिया और मर्कज़ी हुकूमत से मुतालिबा किया कि आसाम के तमाम मसाइल(समस्या) की आजलाना और तवील मुद्दती यकसूई(हल) को यक़ीनी बनाया जाय ।

बादअज़ां(उसके बाद) हिन्दी भवन , बहादुर शाह ज़फ़र रोड नई दिल्ली पर कान्फ़्रैंस भी मुनाक़िद हुई ।सी पी ऐम , जनतादल ऐस , एन सी पी , एस पी और दीगर सैकूलर-ओ-मुस्लिम तंज़ीमों ख़ासकर जमात-ए-इस्लामी और ऐस आई ओ ने सरगर्म रोल अदा क्या ।

इस कान्फ़्रैंस में जनाब ज़हीर उद्दीन अली ख़ान मेनीजिंग ऐडीटर सियासत के इलावा मिली गज़्ट के ऐडीटर ज़फ़र उल-इस्लाम ख़ान , सी पी आई ऐम के पोलीट ब्यूरो रुकन योगेंद्र शर्मा , मुमताज़ तारीख़दां आशिष शर्मा के इलावा दीगर ने शिरकत की ।

धरना मुक़ाम और कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए मुख़्तलिफ़ मुमताज़ सैकूलर मिज़ाज क़ाइदीन ने मुतालिबा किया कि आसाम को मुनक़सिम करने(बाटने) के इरादा से अलहदा बोडोलैंड ना बनाया जाय ।

आसाम में पुरअमन फ़िज़ा-ए-की बहाली के लिए बोडोलैंड टरीटोरील आटोनमस अज़ला में असलहा-ओ-गोला बारूद को बोडो इंतहापसंदों से छीन लिया जाय । आसाम में अमन उसी वक़्त ही बहाल हो सकता है जब 12 हज़ार इंतहापसंदों से हथियारों को छीन लिया जाय ।

बताया जाता है कि 1993 -में आसामी हिनदुवों और आदि वासियों पर भी ज़ुलम-ओ-ज़्यादतियां की गयों थीं । उस वक़्त तक़रीबन दो लाख हिन्दू मुख़्तलिफ़ इलाक़ों में पनाह लिए हुए हैं । उन्हें भी उन के घरों को वापिस लाने की मसाई(कोशिश) की जानी चाहीए ।

25 फ़ीसद आबादी वाले नाम निहाद बोडो इलाक़े के साथ किए गए मुआहिदे को मंसूख़(रद्द) करना ज़रूरी है । इस के इलावा आसाम की 75 फ़ीसद राजवंश ,मुस्लमान , बंगाली हिन्दू , आसामी हिनदू को हुक़ूक़ देने पर भी याददाश्त में ज़ोर दिया गया ।

सी पी आई ऐम पोलीट ब्यूरो रुकन योगेंद्र शर्मा ने कहा कि आसाम के फ़िर्कावाराना फ़सादात हिंदूस्तानी जमहूरीयत की 65 सालातारीख़ की बदतरीन दाग़ हैं । गुज़श्ता 65 बरस के दौरान इतनी बड़ी तादाद में अवाम को बेघर नहीं किया गया जितना आसाम में 5 लाख मुस्लमानों को बेघर किया गया है ।

उन्हों ने अफ़सोस का इज़हार किया कि आसाम के मुस्लिम कश फ़सादाद और लाखों बेघर मुस्लमानों की हालत-ए-ज़ार पर ग़ौर-ओ-ख़ौस करने के लिए पार्लीमैंट के मानसून सैशन में हुकूमत को तौफ़ीक़ नहीं हुई ।

पार्लीमैंट का जारीया सैशन कोल गेट के मसला की नज़र होगया । जनाब ज़हीर उद्दीन अली ख़ान मनीजिंग ऐडीटर रोज़नामा सियासत ने तजवीज़र खी कि आसाम के मुस्लमानों के मसाइल(समस्या) और वहां की बुनियादी सूरत-ए-हाल से सारी दुनिया को वाक़िफ़ कराना ज़रूरी है ।

इस के लिए फेसबुक , इंटरनैट , सोश्यल नेटवर्किंग का इस्तिमाल किया जा सकता है । मुमताज़ तारीख़दां आशिष शर्मा ने आसाम में मुस्लमानों की क़दीम तारीख़ का हवाला देते हुए कहा कि इस रियासत में मुस्लमानों की तारीख़ 150 साल क़दीम(पुरानी) है ।

उतनी क़दीम तारीख़ के हामिल आसामी मुस्लमानों के साथ हुकूमत और मुक़ामी गुमराह अनासिर का मुख़ालिफ़ाना रवैय्या सैकूलर और जमहूरी हिंदूस्तान के मिज़ाज के मुग़ाइर(खिलाफ) है ।

ऐडीटर मिली गज़्ट जनाब ज़फ़र उल-इस्लाम ख़ान ने नाम निहाद बोडोलैंड की इलाक़ाई हैसियत और मुआहिदे को बरख़ास्त करने पर ज़ोर दिया ।

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