Monday , December 18 2017

आसाराम को फिर झटका, अभी जेल ही में रहना पड़ेगा

नाबालिग लड़की से ज़िंसी इस्तेहसाल के मुजरिम आसाराम की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। आसाराम को पीर के रोज़ सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई। सुप्रीम कोर्ट 3 जुलाई को आसाराम की जमानत की दरखास्त पर सुनवाई करेगा।

नाबालिग लड़की से ज़िंसी इस्तेहसाल के मुजरिम आसाराम की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। आसाराम को पीर के रोज़ सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई। सुप्रीम कोर्ट 3 जुलाई को आसाराम की जमानत की दरखास्त पर सुनवाई करेगा।

आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत की दरखास्त दाखिल की थी। आसाराम को उम्मीद थी कि उसे कोर्ट से जमानत मिल जाएगी। आसाराम ने पोस्को कानून के तहत तय किए गए इल्ज़ामात को खारिज करने की मांग की थी। आसाराम ने मुतास्सिरा के नाबालिग होने के दावे को भी चुनौती दी है।

आसाराम का कहना है कि रेप का इल्ज़ाम लगाने वाली का पैदाइश 1995 में हुई थी । मुतास्सिरा के वालिद का दावा है कि उनकी बेटी की पैदाईश 1997 में हुई थी । आसाराम 2 सितंबर 2013 से जोधपुर की सेंट्रल जेल में कैद है। आसाराम जिंसी हमले के मामले में आरोपी है। पिछले महीने जोधपुर की अदालत ने आसाराम के मामले को सेशन कोर्ट को कमिट कर दिया था।

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