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आज़मीने हज के पासपोर्ट्स की आजलाना इजराई से इत्तिफ़ाक़

रीजनल पासपोर्ट ऑफीसर श्रीमती अश्वनी ने आज़मीने हज के पासपोर्ट्स की आजलाना इजराई से इत्तिफ़ाक़ कर लिया है। स्पेशल ऑफीसर हज कमेटी प्रोफेसर एस ए शकूर ने आज रीजनल पासपोर्ट ऑफीसर से मुलाक़ात की और पासपोर्ट्स के सिलसिले में आज़मीने हज के मसाइल से वाक़िफ़ कराया। उन्हों ने कहा कि वज़ारते ख़ारजा के क़्वाइद के मुताबिक़ हाथ से लिखे हुए पासपोर्ट क़ुबूल नहीं किए जाएंगे। इस के बाइस कई आज़मीन को मुश्किलात का सामना है।

रीजनल पासपोर्ट ऑफीसर ने त्यक़्कुन दिया कि हैंड रिटन पासपोर्ट्स को डीजीटल पासपोर्ट में तब्दील करने के लिए बोर्ड मुताल्लिक़ा हुक्काम को हिदायात जारी करेंगे और उसे मुआमलात की जल्द यक्सूई कर दी जाएगी।

उन्हों ने आज़मीने हज के पासपोर्ट्स की तजदीद और नए पासपोर्ट्स की इजराई के सिलसिले में फ़ौरी इक़्देमात करने से भी इत्तिफ़ाक़ किया। प्रोफेसर एस ए शकूर ने बताया कि कई आज़मीन ऐसे हैं जिन्हें हाथ से लिखे हुए पासपोर्ट जारी किए गए थे जो हज दरख़ास्तों के लिए क़ाबिले क़ुबूल नहीं है।

ऐसे आज़मीन जिन के पास डीजीटल पासपोर्ट नहीं है, वो हज कमेटी से रुजू हूँ। प्रोफेसर एस ए शकूर ने बताया कि रीजनल पासपोर्ट ऑफीसर ने आज़मीने हज के पासपोर्ट्स के मसाइल की यक्सूई के लिए पासपोर्ट ऑफ़िस में अलाहिदा शोबा क़ायम करने का त्यक़्कुन दिया ताकि आज़मीन के मसाइल की फ़ौरी यक्सूई हो सके। उन्हों ने हज सीज़न 2015 के दौरान हज कैंप का दौरा करने से इत्तिफ़ाक़ किया।

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