आज़मीन‍ ओ‍ ज़ईफ लोगों के पासपोर्ट की ज़ब्ती गैरकानूनी

आज़मीन‍ ओ‍ ज़ईफ लोगों के पासपोर्ट की ज़ब्ती गैरकानूनी
जद्दा, 30 अप्रैल: आज़मीन‍ ओ‍ ज़ईफ लोगों के पासपोर्ट की ज़ब्ती गैरकानूनी( एजेंसी) वज़ारत हज ने आज़मीन‍ ओ ज़ईफ लोगों के पासपोर्टस ज़ब्त किए जाने के ख़िलाफ़ सख़्त इंतेबाह ( Warning) दिया है और उन होटल्स या रिहायशी सहूलत फ़राहम करने वालों के ख़िलाफ़ सख़

जद्दा, 30 अप्रैल: आज़मीन‍ ओ‍ ज़ईफ लोगों के पासपोर्ट की ज़ब्ती गैरकानूनी( एजेंसी) वज़ारत हज ने आज़मीन‍ ओ ज़ईफ लोगों के पासपोर्टस ज़ब्त किए जाने के ख़िलाफ़ सख़्त इंतेबाह ( Warning) दिया है और उन होटल्स या रिहायशी सहूलत फ़राहम करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी जो इस तरह के लोगो के पासपोर्ट ज़ब्त करते हुए पाए जाएंगे।

वज़ारत हज के एक ओहदेदार ने बताया कि सऊदी अरब में किसी को भी दूसरों के पासपोर्ट अपने पास रखने की इजाज़त नहीं है और इस ज़िमन में मुल्क की आला तरीन अथॉरीटी का फ़रमान जारी किया जा चुका है । उन्होंने कहा कि अगर बाअज़ मुआमलात में पासपोर्ट की ज़रूरत हो तो उसी सूरत में इन्फ़िरादी ज़ईफ लोगों के पासपोर्ट की नक़लिया ज़ीराक्स हासिल की जा सकती है ।

ताहम होटल इंतेज़ामीया को किसी भी सूरत में उनके मालीयाती मुफ़ादात के तहफ़्फ़ुज़ की बुनियाद पर ज़ईफ लोगों का पासपोर्ट अपने पास रखने की इजाज़त नहीं है । अगर कोई इस तरह पासपोर्ट अपने पास रखता है तो उसे मुक़र्ररा क़वाइद की ख़िलाफ़वरज़ी का मुर्तक़िब तसव्वुर किया जाएगा और ऐसे मुआमलात में सख़्ती से निमटा जाएगा ।

उन्होंने वज़ाहत की कि बाअज़ ऐसी मिसालें सामने आ रही हैं कि उमरा ख़िदमात फ़राहम करने वाली कंपनियां या इदारे ज़ईफ लोगों का पासपोर्ट अपने पास रख रहे हैं। इसका मक़सद ये है कि वो अपने पासपोर्ट से महरूम ना हो जाएं या उन के गुम होने का ख़दशा ना रहे लेकिन वज़ारत हज ने वाज़िह किया कि इस तरह पासपोर्ट अपने पास रखने की इजाज़त नहीं है ।

ये भी वाज़िह किया गया कि ख़िलाफ़वरज़ी की बुनियाद पर 4 मुख़्तलिफ़ नौवियत की सज़ाएं मुक़र्रर की गई हैं। वज़ारत हज के ओहदेदारान मुक़ामात मुक़द्दसा का वक्फ़ा वक्फ़ा से मुआइना करते हुए इस तरह की ख़िलाफ़वरज़ीयों के बारे में मालूमात कर रहे हैं और मुनासिब इक़दामात भी किए जा रहे हैं।

मदीना मुनव्वरा की अदालत में इसी नौवियत के एक मुक़द्दमा में तहक़ीक़ाती ओहदेदारों ने बताया कि एक होटल मालिक ने तकरीबन 15 आज़मीन के पासपोर्ट अपने पास रख लिए और उन्हें बरवक़्त वापस नहीं किए जिस की वजह से उन की वापसी में ताख़ीर हो गई थी।

होटल के मालिक ने अपने मौक़िफ़ का दिफ़ा करते हुए ये दलील पेश की कि इन आज़मीन से रुकमी बकाया जात की वसूली के लिए इस ने ये क़दम उठाया था।ताहम वज़ारत हज ने वाज़िह किया कि क़ानूनी तौर पर इसकी इजाज़त नहीं है ।

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