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आज़ाद एनकाउँटर सी बी आई को क़तई रिपोर्ट पेश करने की हिदायत

नई दिल्ली १३ दिसम्बर: ( पी टी आई ) इस ख़्याल का इज़हार करते हुए कि माविस्ट् लीडर चीरो कोरी राज कुमार उर्फ़ आज़ाद और एक सहाफ़ी की आंधरा प्रदेश पुलिस के हाथों हलाकत फ़र्ज़ी एनकाउँटर के ख़्याल की ताईद नहीं होती सुप्रीम कोर्ट ने आज सी बी आई को

नई दिल्ली १३ दिसम्बर: ( पी टी आई ) इस ख़्याल का इज़हार करते हुए कि माविस्ट् लीडर चीरो कोरी राज कुमार उर्फ़ आज़ाद और एक सहाफ़ी की आंधरा प्रदेश पुलिस के हाथों हलाकत फ़र्ज़ी एनकाउँटर के ख़्याल की ताईद नहीं होती सुप्रीम कोर्ट ने आज सी बी आई को हिदायत दी कि वो इस एनकाउँटर वाक़िया के ताल्लुक़ से अपनी क़तई रिपोर्ट 23 जनवरी तक अदालत में पेश कर दे ।

चीरो कोरी राज कुमार उर्फ़ आज़ाद और एक सहाफ़ी को गुज़शता साल जुलाई में हलाक किया गया था । जस्टिस आफ़ताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई पर मुश्तमिल एक बंच ने इस ख़्याल का इज़हार किया कि एक या दो मिसालों से इस एनकाउँटर के फ़र्ज़ी होने के ख़्याल की ताईद नहीं होसकती । अदालत ने सी बी आई की जानिब से एडीशनल सॉलीसिटर जनरल हरेन रावल की मौक़िफ़ रिपोर्ट पेश किए जाने पर इस का जायज़ा लेने के बाद ये बात कही ।

अदालत ने मुतवफ़्फ़ी सहाफ़ी की शरीक-ए-हयात बनीता पांडे की जानिब से पेश होने वाले वकील प्रशांत भूषण की इस इस्तिदा पर ये रेमार्क किया कि उन्हें सी बी आई की मौक़िफ़ रिपोर्ट की नक़ूल पेश की जाएं। अदालत ने मिस्टर भूषण से कहा कि जैसे ही सी बी आई की जानिब से क़तई रिपोर्ट दाख़िल की जायेगी उन की दरख़ास्त पर ग़ौर किया जा सकता है और उन्हें इस बात का मुकम्मल मौक़ा दिया जाएगा कि वो इस मसला पर अदालत की मदद कर सकें।

25 अप्रैल को अदालत ने सी बी आई से कहा था कि वो अंदरून तीन माह अपनी तहक़ीक़ात मुकम्मल करने की कोशिश करे । ये केस मुक़ामी पुलिस से सी बी आई को गुज़शता साल 21 अप्रैल को मुंतक़िल किया गया था जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस की हिदायत दी थी ।

रियास्ती हुकूमत ने ये केस सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बाद सी बी आई को मुंतक़िल किया था । इस सिलसिला में समाजी कारकुनों स्वामी अग्नी वेश और बनीता पांडे ने दरख़ास्तें दायर की थीं और उन का मुतालिबा था कि इस वाक़िया की अदालती तहक़ीक़ात करवाई जाये।

बंच ने क़ब्लअज़ीं इस वाक़िया पर अफ़सोस का इज़हार किया था और कहा था कि जमहूरी मुल्क में इस के ही शहरीयों को हलाक करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। राज कुमार उर्फ़ आज़ाद सी पी आई माविस्ट् सेंटर्ल कमेटी का रुकन था जबकि पुलिस पांडे को भी माविस्ट् क़रार दे रही है ।

ये दोनों आंधरा प्रदेश के ज़िला आदिल आबाद के जंगलात में एक एनकाउँटर में हलाक होगए थे । स्वामी अग्नी वेश और पांडे की बेवा का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाद में हक़ूक़-ए-इंसानी ग्रुप की जानिब से जो तहक़ीक़ात की गई थीं इन में वाज़िह हो गया कि ये एनकाउँटर दरुस्त नहीं बल्कि फ़र्ज़ी था । इल्ज़ाम आइद किया गया कि आज़ाद पर क़रीब से गोली मारी गई थी और ये बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी शामिल है ।

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