आज़ाद एनकाउंटर की तहक़ीक़ात का हुक्म देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

आज़ाद एनकाउंटर की तहक़ीक़ात का हुक्म देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सरकर्दा नक़्सलाईट लीडर सी राजकुमार उर्फ़ आज़ाद और दिल्ली के जर्नलिस्ट हेम चंद्रा पांडे की मुबय्यना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाकत की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एस आई टी) या अदालती तहक़ीक़ात का हुक्म देने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकर्दा नक़्सलाईट लीडर सी राजकुमार उर्फ़ आज़ाद और दिल्ली के जर्नलिस्ट हेम चंद्रा पांडे की मुबय्यना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाकत की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एस आई टी) या अदालती तहक़ीक़ात का हुक्म देने से इनकार कर दिया। जस्टिस आफ़ताब आलम और जस्टिस सी के प्रसाद पर मुश्तमिल बंच ने कहा कि ये इल्ज़ाम दुरुस्त नहीं हो सकता कि सी बी आई ने दियानतदारी के साथ एनकाउंटर की तहक़ीक़ात नहीं की।

बंच ने सी बी आई को तहक़ीक़ाती रिपोर्टस मुताल्लिक़ा मजिस्ट्रेट ज़िला आदिलाबाद (आंधरा प्रदेश) के रू बरू पेश करने की हिदायत दी। ये एनकाउंटर यक्म जुलाई 2010 को आदिलाबाद में हुआ था। अदालत ने वनीता पांडे की दरख़ास्त की यकसूई करते हुए ये हुक्म दिया। उन्होंने कहा था कि सी बी आई ने दियानतदारी के साथ तहक़ीक़ात नहीं की। वकील प्रशांत भूषण ने दरख़ास्त गुज़ारों की जानिब से पेश होते हुए सी बी आई ओहदेदारान पर आंधरा प्रदेश पुलिस को क्लीनचिट देने का इल्ज़ाम आइद किया।

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