Wednesday , December 13 2017

आफ़त समावी के बाद उत्तराखंड में सय्याहों की आमद में कमी

उत्तराखंड में आफ़त समावी के पेशे नज़र अंदरून-ओ-बैरून-ए-मुल्क के सय्याह चारधाम यात्रा पर जाने से पस-ओ-पेश कररहे हैं। वो सिर्फ़ नैनीताल और मसूरी तक जाकर वापिस होरहे हैं। मर्कज़ी वज़ीर सयाहत के चिरंजीवी ने राज्य सभा में एक सवाल का तहरीर

उत्तराखंड में आफ़त समावी के पेशे नज़र अंदरून-ओ-बैरून-ए-मुल्क के सय्याह चारधाम यात्रा पर जाने से पस-ओ-पेश कररहे हैं। वो सिर्फ़ नैनीताल और मसूरी तक जाकर वापिस होरहे हैं। मर्कज़ी वज़ीर सयाहत के चिरंजीवी ने राज्य सभा में एक सवाल का तहरीरी जवाब देते हुए कहा कि रियास्ती हुकूमत ने इत्तेला दी है कि अभी ये बात साबित नहीं हुई कि सयाहत के शोबे में 85 फ़ीसद इन्हितात आया है लेकिन रोज़गार के मौक़े बुरी तरह मुतास्सिर हुए हैं।

उत्तराखंड की रियास्ती हुकूमत के बमूजब आफ़त समावी के बाद मुल्की और ग़ैरमुल्की सय्याह उत्तराखंड की सयाहत से गुरेज़ कररहे हैं। सयाहत के शोबे से कई अफ़राद का रोज़गार वाबस्ता है जो इस इन्हितात की वजह से बुरी तरह मुतास्सिर हुआ है। हुकूमत ने अहया के मंसूबों के लिए 1,101 करोड़ रुपये मुख़तस करने की तजवीज़ पेश की है। विज़ारत सयाहत ने तामीर-ए-नौ के लिए 100 करोड़ रुपये का माली पैकेज मंज़ूर किया है।

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