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इंजीनीयरिंग में दाख़िलों के लिए 7 अगस्त से सर्टीफ़िकेटस की तन्क़ीह

एमसेट एडमीशन कमेटी ने हुकूमत तेलंगाना के एतेराज़ात को मुस्तर्द करते हुए इंजीनीयरिंग में दाख़िलों के लिए 7 अगस्त से सर्टीफ़िकेटस की तन्क़ीह-ओ-तौसीक़ के लिए आलामीया जारी कर दिया और 23 अगस्त को तन्क़ीह-ओ-तौसीक़ के अमल का इख़तताम अमल में आए

एमसेट एडमीशन कमेटी ने हुकूमत तेलंगाना के एतेराज़ात को मुस्तर्द करते हुए इंजीनीयरिंग में दाख़िलों के लिए 7 अगस्त से सर्टीफ़िकेटस की तन्क़ीह-ओ-तौसीक़ के लिए आलामीया जारी कर दिया और 23 अगस्त को तन्क़ीह-ओ-तौसीक़ के अमल का इख़तताम अमल में आएगा।

हेल्पलाइन सेंटरस में रैंकस की तक़सीम और हेल्पलाइन सेंटरस की फ़हरिस्त वैब साईट https:/eamcet.nic.in पर 5 अगस्त से दस्तयाब रहेगी।

इख़तियारी दाख़िला, नशिस्तों के अलाटमेंट और दुसरे मुताल्लिक़ा मालूमात का मुतआक़िब एलान किया जाएगा। तन्क़ीह के आख़िरी दिन एसे अक़ल्लीयती उम्मीदवार रुजू होसकते हैं जो एमसेट में क्वालीफ़ाई नहीं हुए थे या एमसेट में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन अक़लियती इदारों में दाख़िले के ख़ाहिशमंद हैं। हुकूमत तेलंगाना ने इस फ़ैसले पर एतेराज़ किया है और कहा हैके इस का फ़ैसला क़तई है,क्युंकि हुकूमत किसी भी इदारा से बालातर होती है जिस से एसा मालूम होता हैके तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की हुकूमतें पेशावराना कॉलेजस में दाख़िलों के मसले पर एक दूसरे के मौक़िफ़ के ख़िलाफ़ मुतसादिम होगई हैं जिस के नतीजे में दोनों रियासतों में मेडिसन और दुसरे पेशावराना कोर्सेस में दाख़िलों के लिए आलामीया की इजराई अमल में नहीं आसकी और तवक़्क़ो हैके 4 अगसट को सुप्रीम कोर्ट में इस मुक़द्दमा पर आइन्दा समाअत के बाद ही इस ज़िमन में कोई फ़ैसला किया जाएगा।

कौंसलिंग के अमल को 2 अक्टूबर तक मुल्तवी रखने हुकूमत तेलंगाना की दरख़ास्त से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस तास्सुर का इज़हार किया था कि दाख़िलों के अमल के आग़ाज़ पर उस को कोई एतेराज़ नहीं है। अदालत-ए-उज़्मा के इस तास्सुर पर आंध्र प्रदेश की रियासती कौंसल बराए आला तालीम के सदर नशीन एल वीनू गोपाल रेड्डी ने 30 जुलाई को आलामीया की इजराई का इशारा दिया था।

ताहम आलामीया से मुताल्लिक़ इश्तिहार जारी करने वाल इदारा संयुक्ता भवन के एक सीनीयर ओहदेदार ने कहा कि दाख़िलों के अमल का पहला मरहला शुरू करने से मुताल्लिक़ दोनों रियासतों से इस कमेटी को कोई पैग़ाम मौसूल नहीं हुआ है।

हुकूमत तेलंगाना के मोतमिद आला तालीम ने कहा था कि एक एसे वक़्त जब ये मसला अदालत में ज़ेर तसफ़ीया है दाख़िलों का अमल शुरू नहीं किया जा सकता। यहां ये बात काबिल-ए-ज़िकर हैके तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ ने तेलंगाना के कॉलेजों से पढ़ने वाले आंध्र प्रदेश के तलबा को फ़ीस की बाज़ अदायगी से इनकार कर दिया है। और ये इस्तिदलाल पेश किया था कि तलबा के मुक़ाम सुकूनत का पता चलाने के लिए वक़्त दरकार होगा।

चुनांचे 2 अक्टूबर के बाद ही कौंसलिंग और दाख़िलों का अमल शुरू किया जाना चाहीए। इस के बरख़िलाफ़ आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि वो आंध्र प्रदेश में ज़ेर-ए-तालीम बिशमोल तेलंगाना तमाम इलाक़ों के तलबा के फ़ीस रेिंबर्समेंट के लिए तैयार हैं और चूँकि इस मसले से लाखों तलबा-ए-ओ- तालिबात का मुस्तक़बिल वाबस्ता है चुनांचे जल्द से जल्द दाख़िलों का अमल शुरू कर दिया जाना चाहीए। कौंसल के चैरमैन प्रोफेसर वीनू गोपाल रेड्डी ने पिछ्ले रोज़ कहा था कि सदाक़त नामों की तन्क़ीह-ओ-तौसीक़ का अमल 7 अगसट से शुरू किया जाएगा।

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