Monday , December 18 2017

इंडियन मुजाहिदीन कारकुनों को टरांज़ट रीमांड

दिल्ली की अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के कारकुनों तहसीन अख़तर और ज़िया उलरहमन उर्फ़ विक़ास को दिलसुखनगर धमाको के सिलसिले में तीन दिन के लिए टरांज़ट रीमांड पर देने एन आई ए हैदराबाद की दरख़ास्त पर फ़ैसला ज़ेर तसफ़ीया रखा है।

दिल्ली की अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के कारकुनों तहसीन अख़तर और ज़िया उलरहमन उर्फ़ विक़ास को दिलसुखनगर धमाको के सिलसिले में तीन दिन के लिए टरांज़ट रीमांड पर देने एन आई ए हैदराबाद की दरख़ास्त पर फ़ैसला ज़ेर तसफ़ीया रखा है।

मुंबई ए टी एस ने भी अदालत से रुजू होते हुए दोनों को तहवील में देने की ख़ाहिश की लेकिन एन आई ए स्पेशल जज आई एस महित ने इस दरख़ास्त को भी ज़ेर तसफ़ीया रखा हालाँकि सेशन कोर्ट ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की दरख़ास्त पर उन्हें 19 मई तक अदालती तहवील में दे दिया है।

एन आई ए स्पेशल जज ने कहा कि एन आई ए हैदराबाद की दरख़ास्त को ताहुक्म सानी ज़ेर तसफ़ीया रखा जा रहा है। तहसीन और विक़ास के अलावा दुसरे मुबय्यना इंडियन मुजाहिदीन कारकुनों मुहम्मद मारूफ़ वक़ार अज़हर मुहम्मद साक़िब अंसारी को स्पेशल सेल ने मार्च में गिरफ़्तार किया था। एन आई ए हैदराबाद ने तहसीन और विक़ास को तीन दिन के लिए टरांज़ट रीमांड में देने स्पेशल कोर्ट में दरख़ास्त दायर की क्युंकि वो फेबव‌री 2013 में हुए दिलसुखनगर बम धमाकों के सिलसिले में तफ़तीश की ख़ाहां है।

इस दौरान सेशन जज ने एन आई ए को हिदायत दी कि इन दोनों को कार्रवाई के लिए नामज़द अदालत में पेश किया जाये। तहसीन और विक़ास को टरांज़ट रीमांड के लिए एन आई ए हैदराबाद की दरख़ास्त की मुख़ालिफ़त करते हुए उनके वकील एम एस ख़ान ने कहा कि मुल्ज़िमीन के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं पाए जाते। उन्होंने कहा कि तहक़ीक़ाती ओहदेदार ने बगै़र किसी सबूत के महिज़ दुसरे मुहर्रिकात की बिना उन्हें गिरफ़्तार किया है। उन्होंने मुल्ज़िमीन पर दबाओ के ज़रीये एतेराफ़ी बयान रिकार्ड किए जाने का इमकान भी मुस्तर्द नहीं किया

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