इंडियन मुजाहिदीन पर हुकूमत का मौक़िफ़ वाज़िह :विज़ारत-ए-दाख़िला

इंडियन मुजाहिदीन पर हुकूमत का मौक़िफ़ वाज़िह :विज़ारत-ए-दाख़िला
नई दिल्ली24 जुलाई ( पी टी आई )कांग्रेस क़ाइद शकील अहमद के बयान पर पैदा होने वाले तनाज़े में मुलव्विस होने से इनकार करते हुए मर्कज़ी विज़ारत-ए-दाख़िला ने आज कहा कि एन आई ए का फ़र्द-ए-जुर्म और इसका ममनूआ दहश्तगर्द तंज़ीम के बारे में मौक़िफ़ ब

नई दिल्ली24 जुलाई ( पी टी आई )कांग्रेस क़ाइद शकील अहमद के बयान पर पैदा होने वाले तनाज़े में मुलव्विस होने से इनकार करते हुए मर्कज़ी विज़ारत-ए-दाख़िला ने आज कहा कि एन आई ए का फ़र्द-ए-जुर्म और इसका ममनूआ दहश्तगर्द तंज़ीम के बारे में मौक़िफ़ बिलकुल वाज़िह है । वज़ीर-ए-ममलकत बराए विज़ारत-ए-दाख़िला आर पी ऐम सिंह ने कहा कि इंडियन मुजाहिदीन के बारे में उनकी विज़ारत का सरकारी मौक़िफ़ बिलकुल वाज़िह है । ये तंज़ीम दीगर 34 तंज़ीमों की तरह इंसिदाद गै़रक़ानूनी सरगर्मीयां क़ानून के तहत ममनूआ क़रार दी गई है ।

उन्होंने एक प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए कहा कि इंडियन मुजाहिदीन के बारे में विज़ारत-ए-दाख़िला का जो भी ख़्याल है वो हमारी वेबसाइट पर यू ए पी ए के तहत मौजूद है । ये तमाम ममनूआ तंज़ीमें हैं जिन के बारे में विज़ारत-ए-दाख़िला का मौक़िफ़ बिलकुल वाज़िह है । विज़ारत-ए-दाख़िला इस किस्म की बातों पर टोइटर पर कुछ भी शाय नहीं क्या करती । आर पी ऐम सिंह कांग्रेस के तर्जुमान शकील अहमद के तबसरा पर पैदा होने वाले तनाज़े पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर कररहे थे शकील अहमद ने क़ौमी महिकमा तहक़ीक़ात (एन आई ए ) के फ़र्द-ए-जुर्म का हवाला देते हुए माईक्रो ब्लॉगिंग साईट टोइटर पर तहरीर किया था कि दहश्तगर्द तंज़ीम का क़ियाम गुजरात फ़सादाद का नतीजा था ।

इस तबसरा पर बी जे पी ने सख़्त रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कांग्रेस पार्टी पर इल्ज़ाम आइद किया कि वो वोट बैंक की सियासत केलिए फ़िर्कावाराना कार्ड इस्तेमाल कररही है जबकि कांग्रेस य शकील अहमद के तबसरा से दूरी इख़्तेयार करली । मर्कज़ी वज़ीर-ए-ममलकत बराए उमूर दाख़िला आर पी ऐम सिंह ने कहा कि एन आई ए के फ़र्द-ए-जुर्म में हर चीज़ बिलकुल वाज़िह है और हर शख़्स जानता है फ़र्द-ए-जुर्म में क्या तहरीर किया गया है ।

फ़र्द-ए-जुर्म 17 जुलाई को दाख़िल किया गया था जिस में इंडियन मुजाहिदीन के पाँच कारकुनों पर मुख़्तलिफ़ दहश्तगर्द सरगर्मीयां मुल्क गीर सतह पर जारी रखने की साज़िश का इल्ज़ाम आइद किया गया है । एन आई ए ने कहा है कि इंडियन मुजाहिदीन 2003 में क़ायम की गई जबकि इंतिहा-ए-पसंद बुनियाद परस्त मुस्लिम नौजवानों की तंज़ीम स्टूडैंट इस्लामिक मूवमैंट आफ़ इंडिया (सी वे ) को फ़िर्कापरस्ती की बिना पर ममनूआ क़रार दिया गया था और कहा गया था कि 2002 के गुजरात फ़सादाद इंडियन मुजाहिदीन जैसी तंज़ीमों के क़ियाम की वजह हैं।

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