चक्रवार्ती तूफान निसारगा’ दोपहर तक महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है, उड़ानों को रोका गया!

चक्रवार्ती तूफान निसारगा’ दोपहर तक महाराष्ट्र के तट से टकरा सकता है, उड़ानों को रोका गया!

अरब सागर के ऊपर बन रहा चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय जिलों में बुधवार को दस्तक दे सकता है, जिसे देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एनडीआरएफ की 34 टीमों को तैनात किया गया है।

 

खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, मुंबई शहर में निसर्ग चक्रवाती तूफान की वजह से भारी बारिश के साथ तूफानी हवाएं शुरू हो गई हैं।एनडीआरएफ, नेवी समेत तमाम रेस्क्यू एजेंसियां पूरी तरह से तूफान से निबटने के लिए तैयार है।

 

भारतीय नौसेना ने कहा की अरब सागर में चक्रवाती तूफ़ान Nisarga के चलते सभी टीमों को तूफान की अवधि के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) की किसी भी आवश्यकता के लिए अलर्ट पर रखा गया है। पश्चिमी नौसेना कमान ने बाढ़, राहत और बचाव और गोताखोर सहायता के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाए हैं, जो पश्चिमी समुद्र तट पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ की स्थिति में संबंधित राज्य सरकारों के साथ समन्वय के लिए तैयार है।

 

एनडीआरएफ के महानिदेशक एस.एन. प्रधान ने यहां मंगलवार को कहा कि 34 टीमों में से 16 गुजरात में, 15 महाराष्ट्र में, दो दमन एवं दीव, और एक दादरा एवं नगर हवेली में तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर टीमों को अरब सागर से लगे तटीय जिलों में तैयान किया गया है।

 

प्रधान ने आईएएनएस से कहा, “हमने इलाकों से समय पर लोगों को खाली कराने और राज्य की एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए 34 टीमें तैनात कर रखी है। जागरूकता अभियान शुरू हो चुका है।”

 

प्रधान ने कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात के अनुरोध पर एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं और वे अपराह्न् या शाम तक इन राज्यों में पहुंचने वाली हैं। एनडीआरएफ की एक टीम में 45 कर्मी होते हैं।

 

एनडीआरएफ ने कुछ टीमों को बिल्कुल तैयार अवस्था में रखा हुआ है, जो चरम स्थिति में मदद मुहैया कराएंगी। प्रधान ने कहा, “यद्यपि यह कोई गंभीर तूफान नहीं है, फिर भी सभी एहतियात बरते जा रहे हैं।”

 

कुछ दिनों पहले देश का पूर्वी तट तूफान अम्फान से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, और अब पश्चिमी तट पर अरब सागर के ऊपर चक्रवात निसर्ग बन रहा है। फिलहाल निसर्ग एक डिप्रेशन के रूप में मुंबई से 490 किलोमीटर, गोवा की राजधानी पणजी से 280 किलोमीटर और गुजरात के सूरत से 710 किलोमीटर दूर है।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि डिप्रेशन मंगलवार सुबह 5.30 बजे एक गहरे डिप्रेशन में बदल गया। यह अगले 12 घंटों में एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और उसके बाद के 24 घंटों में यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हो जाएगा।

 

आईएमडी ने कहा कि चक्रवाती तूफान बुधवार को रायगढ़ जिले में हरिहरेश्वर और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात तटों को पार करेगा।

 

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि गंभीर चक्रवाती तूफान तीन जून को जब तट को पार करेगा तब हवा की रफ्तार 90-105 किलामीटर प्रति घंटा होगी।

 

1961 के बाद तीन जून को महाराष्ट्र से टकराने वाला निसर्ग पहला चक्रवात होगा। चक्रवाती तूफा मुंबई और महाराष्ट्र, गुजरात व पड़ोसी राज्यों के अन्य तटीय जिलों को प्रभावित करेगा।

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