Saturday , December 16 2017

इंतिख़ाब में मुस्लिम वोटों के बिखराव को रोकना होगा

लोकसभा इंतिख़ाब की घंटी बजते ही सभी सियासी जमातों के लोग हरकत में आ गए हैं। सियासी बयान बाज़ी भी चौक चौराहे पर तेज़ हो गयी है। पार्टी कारकुनान अपने उम्मीदवारों के माला जप रहे हैं। मगर पूरे गोड्डा लोग सभा के वोटरों की नज़र एक मर्तबा फिर

लोकसभा इंतिख़ाब की घंटी बजते ही सभी सियासी जमातों के लोग हरकत में आ गए हैं। सियासी बयान बाज़ी भी चौक चौराहे पर तेज़ हो गयी है। पार्टी कारकुनान अपने उम्मीदवारों के माला जप रहे हैं। मगर पूरे गोड्डा लोग सभा के वोटरों की नज़र एक मर्तबा फिर फुरकान अंसारी की तरफ है। 2009 के इंतिख़ाब में जिस तरह आवाम ने गोड्डा लोकसभा बीजेपी उम्मीदवार निशिकान्त दुबे को एक नयी उम्मीद के साथ इंतिख़ाब में कामयाब कराया था लेकिन मिस्टर दुबे ने उनके उम्मदों पर पानी फेर दिया। यहाँ के आवाम को सिर्फ हसीन ख्वाब दिखाने के सिवा कुछ नहीं किया गया और न ही अपने फंड से कोई काम किया।

इसी के मद्दे नज़र इंतिख़ाब में वोटरों ने उन्हें मजा चखाने का फैसला किया है। काँग्रेस उम्मीदवार फुरकान अंसारी के मकबूलियत में इजाफा हुआ है। लोगों का कहना है के अगर मुस्लिम वोटरों का बिखराव नहीं हुआ तो उनकी जीत यक़ीनी है मगर तमाम सियासी पार्टियां मुस्लिम वोटरों को मुंतशर करने में लगी हुयी है। जेवीएम इस खेल में तरह तरह के हरबे इस्तेमाल कर सकते हैं। बीजेपी उम्मीदवार निशिकान्त दुबे से हिन्दू वोटर भी काफी नाराज़ हैं। इन हालात में आकलियतों को अपने वोट का फीसद बढ़ाने की ज़रूरत है।

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