Tuesday , September 25 2018

इंतेहाई ग़ुर्बत के मसले पर कांग्रेस-बी जे पी तकरार

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर तन्क़ीद करते हुए कहा कि हुकूमत गुजरात सब्सीडी से इस्तिफ़ादा कुनुन्दगान के लिए रोज़ाना 10 रुपये आमदनी की हद मुक़र्रर कर रही है। इस पर बी जे पी ने सख़्त रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि रियासतें सिर्फ़ मर्कज़

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर तन्क़ीद करते हुए कहा कि हुकूमत गुजरात सब्सीडी से इस्तिफ़ादा कुनुन्दगान के लिए रोज़ाना 10 रुपये आमदनी की हद मुक़र्रर कर रही है। इस पर बी जे पी ने सख़्त रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि रियासतें सिर्फ़ मर्कज़ की मुक़र्ररा हद पर अमल आवरी कर रही हैं।

ख़त ग़ुर्बत की सतह से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले अफ़राद वही हैं जो रोज़ाना 10.80 रुपये आमदनी हासिल करते हैं। हुकूमत गुजरात की वेब साईट पर इसका इज़हार मौजूद है। कांग्रेस ने बी जे पी के विज़ारत-ए-उज़मा के उम्मीदवार पर तन्क़ीद करते हुए उनसे कहा कि वो गरीबों से माज़रत ख़्वाही करें, जिनका उन्होंने मज़ाक़ उड़ाया और तौहीन की है।

हिंद कांग्रेस के शोबा मुवासलात के सदर नशीन अजय‌ माकन ने मोदी को याद दिलाया कि उनकी पार्टी बी जे पी इस मसले पर मंसूबा बंदी कमीशन पर तन्क़ीद करचुकी है, जिस ने ख़त ग़ुर्बत की सतह से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले अफ़राद की रोज़ाना आमदनी शहरी इलाक़ों के लिए 32 रुपये और देही इलाक़ों के लिए 28 रुपये मुक़र्रर की थी।

बी जे पी ने उसे एक मज़ाक़ क़रार दिया था। अजय‌ माकन ने ख़त ग़ुर्बत की सतह से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वालों के बारे में हुकूमत गुजरात की वेब साईट के मुताल्लिक़ा वर्क़ की नक़ल भी जारी की और कहा कि इस के बमूजब रियासत गुजरात में आतो दिया योजना से इस्तिफ़ादा करने के लिए देही इलाक़ों में 324 रुपये और शहरी इलाक़ों में 501 रुपये माहाना आमदनी से कम हासिल करने वाले अफ़राद को अहल क़रार दिया गया था।

वेब साईट में ये भी कहा गया है कि हुकूमत ने उसे ख़ानदानों की तादाद 13 लाख 10 हज़ार क़रार दी है और कहा है कि रियासत में 24 लाख 30 हज़ार ख़ानदानों का अहाता किया जा चुका है। हकूमत-ए-हिन्द ने 13 लाख 10 हज़ार ख़ानदानों की निशानदेही की थी, इस के इलावा 11 लाख 20 हज़ार ख़ानदान तरजीही बुनियादों पर ग़िज़ाई अजनास हासिल करने के मुस्तहिक़ क़रार दिए गए हैं। बी जे पी की तर्जुमान निर्मला सीता रामन ने कहा है कि बेहतर होगा कि कांग्रेस अपनी होमवर्क दुबारा करें क्योंकी हुकूमत गुजरात मर्कज़ के मुक़र्ररा मीआर पर अमल कर रही है।

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