Sunday , July 22 2018

इंसानियत और इस्लाम की बुनियाद पर मुस्लिम देशों को एक हो जाना चाहिए: एरदोअन

अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यिप एरदोअन ने इस्लामिक देशों के बीच बेहतर समझ और एकता की बात कही है. कल एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों को एकजुटता दिखानी चाहिए.

“तुर्की और सऊदी अरब को निशाना बनाया जा रहा है. हम देख रहे हैं कि सारे षड्यंत्र मुस्लिम देशों के ख़िलाफ़ किये जा रहे हैं,” उन्होंने कहा.

सबसे ज़्यादा प्रभावशाली मुस्लिम नेता ने कहा कि सीरिया में 6 लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और अगर अब भी हम एक जुट नहीं हुए तो बहुत देर हो जायेगी.

उत्तरी सीरिया में अमरीका और तुर्की ने ISIL के ख़ात्मे को लेकर अगस्त के आख़िर में ऑपरेशन शुरू किया था. उन्होंने कहा कि तुर्की का इसमें कोई अपना हित नहीं है लेकिन मुसलमान होने के नाते उनकी ये ज़िम्मेदारी है कि लोग अगर सीरिया में परेशान हैं तो उसमें आगे आयें. तुर्की में सीरिया के तक़रीबन 30 लाख रिफ्यूजी हैं जिस पर 12.5 बिलियन अमरीकी डॉलर का ख़र्च हो चुका है. उन्होंने कहा कि ये सब सिर्फ़ इसलिए है क्यूंकि इस्लाम और इंसानियत की बात है.

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों को चाहिए था कि वो रिफ्यूजी लोगों की मदद करें तो वो अपने बॉर्डर बंद कर रहे हैं. इराक़ के हालात पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोसुल वहाँ के लोगों का है.

उन्होंने कहा कि मोसुल जब दा’एश (ISIL) से आज़ाद हो जाए तो सिर्फ़ सुन्नी अरब, तुर्की और सुन्नी कुर्द ही वहाँ रहें.

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