Thursday , December 14 2017

इंसिदाद ग़ुर्बत, दहश्तगर्दी और बर्क़ी तवानाई पर तबादले ख़्याल

सार्क ममालिक के मोतमिदीन ख़ारिजा का एक इजलास नेपाल के दारुल हुकूमत में मुनाक़िद किया गया ताकि कई मसाइल जैसे इन्सिदादे दहशतगर्दी और ग़ुर्बत बर्क़ी तवानाई की सियानत और तबदीली माहौलियात पर तबादले ख़्याल किया जा सके।

सार्क ममालिक के मोतमिदीन ख़ारिजा का एक इजलास नेपाल के दारुल हुकूमत में मुनाक़िद किया गया ताकि कई मसाइल जैसे इन्सिदादे दहशतगर्दी और ग़ुर्बत बर्क़ी तवानाई की सियानत और तबदीली माहौलियात पर तबादले ख़्याल किया जा सके।

हिंदुस्तान के आला सतही सिफ़ारती वफ़्द की क़ियादत मोतमिद ख़ारिजा सुजाता सिंह कर रही थीं। ये 25 ता 27 नवंबर मुक़र्रर 18वीं सार्क चोटी कान्फ़्रेंस से पहले सार्क की मजलिसे क़ायमा का 41वां इजलास है।

इजलास के दौरान मोतमिद ख़ारिजा मालद्वीप मुहम्मद ने सदारत नेपाल के कारगुज़ार मोतमिद ख़ारिजा शंकर दास बेरागी के सपुर्द की। बेरागी ने कहा कि चूँकि दहश्तगर्दी उस की तमाम इशकाल और तोसीआत में हमारे इलाक़ा के लिए एक नाक़ाबिले फ़रामोश चैलेंज है।

बाहमी तआवुन और मुत्तहदा कोशिशें सूरते हाल से निमटने के लिए ज़रूरी है। सार्क की वक़्फ़ा वक़्फ़ा से पेश की जाने वाली तजज़ियाती रिपोर्ट और सार्क की सरगर्मीयों की नेपाल की रिपोर्ट पेश की गई।

ये रिपोर्ट्स सार्क की प्रोग्रामिंग कमेटी ने तैयार की हैं और सार्क मोतमिदीन काबीना के दूसरे इजलास में तैयार की गई हैं। मआशी तआवुन और सार्क तरक़्क़ीयाती फ़ंड पर मजलिसे क़ायमा के इजलास में ग़ौर किया गया। बेरागी ने कहा कि इंसिदादे ग़ुर्बत सार्क के एजेंडा का बर्सों से सब से बड़ा मसअला रहा है।

TOPPOPULARRECENT