Thursday , December 14 2017

इकोनोमिक मैदान में चिंता कि कोई बात नहीं: चिदम़्बरम

* दुनीया भर में होने वाली तबदीलीयां आरिज़ी, 2008-09 की तरह हालात‌ बेहतर होगें

* दुनीया भर में होने वाली तबदीलीयां आरिज़ी, 2008-09 की तरह हालात‌ बेहतर होगें
भोपाल । राजधानी दिल्ली से दूर केन्द्रीय केबीनेट मंत्रीयों ने आज मीडीया से बातचीत करते हुए अभि चल रहे इकोनोमिक हालात‌ पर पैदा होने वाली चिंता को दूर करने की कोशिश की और कहा कि इकोनोमिक मैदान में फ़िक्रमंद होने की कोई ज़रूरत नहीं है और ना ही ये उथ्थल पुथ्थल जयादा समय तक रहेगी ।

वज़ीर-ए-दाख़िला(गुह मंत्री) पी चिदम़्बरम ने कहा कि 2008-09-ए-के दौरान इस तरह की इकोनोमिक‌ अबतरी पैदा हुई थी और इस के बाद जो हालात बदले थे इसी तरह हमें उम्मिद‌ है कि 2012-13 और 2013-14-ए-में इकोनोमिक‌ बेहतरी आयेगी।

बराए करम आप याद की जिए कि हम इस दौर से गुज़र रहे हैं जब पुरी दुनीया में चिंताजनक‌ तबदीलीयां आरही हैं लेकिन ये बहुत जल्द बेहतर होजाएंगी। चिदम़्बरम ने राजयों कि राजधानियों में कारोबारी ग्रुप के प्रोग्राम मीडीया से राबिता के पहले हिस्से के तौर पर अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि वो यहां पर यू पी ए के दूसरे दौर के तीन साल पुरे होने पर अपनी बात रखने पहुंचे हैं। हमें इतमीनान हैकि हम उभरते हुए चैलेंजों से निमटने में कामयाब होंगे।

चिदम़्बरम ने अपने दुसरे केबीनेट मंत्री सलमान ख़ुरशीद और ममलकती वज़ीर पी एम ओ वि नारायणा स्वामी के साथ‌ बातचीत करते हुए कहा कि 2011-12-ए-का साल पैदावार में गिरावट का साल क़रार दिया जा रहा है क्योंकि यूरोज़ोन बोहरान की वजह से मआशी गिरावट हुई है जबकि हम ने इकोनोमिक मैदान‌ पर उभरते हुए चैलेंजों की निशानदेही करदी है।

इस वकत‌ ये कहना चाहूंगा कि इकोनोमिक मैदान में किसी किस्म की फ़िक्रमंदी या परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। इन केन्द्रीय मंत्रीयों ने भोपाल में गैस पिडीतों से मुलाक़ात की और सुप्रीम कोर्ट की हिदायत के मुताबिक़ गैस पिडीत‌ कारकुनों से बातचीत की।

पिछ्ले माह सुप्रीम कोर्ट ने हुकूमत को हिदायत दी थी कि वो 1984 के हादिसे के बाद ज़हरीले फुज़ला को बर्बाद‌ करने के लिए तुरंत‌ इक़दाम करे। इस ज़हरीली फुज़ला के बाइस हज़ारों लोगों की ज़िंदगीयों को ख़तरा है। मर्कज़ ने इस सिलसिले में मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्रा की हुकूमतों से बातचीत की है लेकिन इन हुकूमतों ने ज़हरीले फुज़ला को बर्बाद‌ करने के लिए अपनी रियासत में इजाज़त देने से इनकार किया है।

वज़ीर-ए-दाख़िला ने भोपाल मैमोरियल हॉस्पिटल का दौरा किया जो गैस हादिसे के पिडीतों के लिए क़ायम किया गया है।

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