Monday , December 11 2017

इक्तेदार की दस्तूरी मुंतक़ली जम्हूरियत की फ़तह – वज़ीरे आज़म पाकिस्तान

ईस्लामाबाद 18 मार्च (पी टी आई) वज़ीरे आज़म पाकिस्तान राजा परवेज़ अशर्फ़ ने कहा कि मुंख़बा हुकूमत को इक्तेदार की दस्तूरी मुंतक़ली ज़म्हूरी ताक़तों की फ़तह है, क्यूंकि पार्लियामेंट ने मुल्क की पहली क़ौमी असेंबली होने की हैसियत से

ईस्लामाबाद 18 मार्च (पी टी आई) वज़ीरे आज़म पाकिस्तान राजा परवेज़ अशर्फ़ ने कहा कि मुंख़बा हुकूमत को इक्तेदार की दस्तूरी मुंतक़ली ज़म्हूरी ताक़तों की फ़तह है, क्यूंकि पार्लियामेंट ने मुल्क की पहली क़ौमी असेंबली होने की हैसियत से जिस ने अपनी पाँच साला मीआद मुकम्मल की है, एक तारीख बनाई है।

क़ौम से अपने विदाई ख़िताब के दौरान जो कल रात रेडियो पाकिस्तान और पाकिस्तान टी वी नेटवर्क पर पेश किया गया, राजा अशर्फ़ ने तमाम ज़म्हूरी ताक़तों और इदारों से जिन्हों ने जम्हूरियत के इस्तिहकाम में अपना किरदार अदा किया है, इज़हारे तशक्कुर किया।

वज़ीरे आज़म पाकिस्तान गुज़िश्ता साल जून में साबिक़ वज़ीरे आज़म यूसुफ़ रज़ा गीलानी को तहक़ीर अदालत के इल्ज़ाम में नाअहल क़रार दिए जाने के बाद वज़ीरे आज़म के ओहदा पर फ़ाइज़ हुए थे।

उन्हों ने तस्लीम किया कि हुकूमत गुज़िश्ता पाँच साल में ज़्यादा काम नहीं कर सकी। ताहम उस की वजह उसे विरसा में मिलने वाले मसाइल और जम्हूरियत की बुनियादों के इस्तिहकाम की मुहिम थी ताकि ये दुबारा ख़तरे में ना पड़ सके।

TOPPOPULARRECENT