इजरायली जुल्म के खिलाफ़ समर्थन के लिए फलस्तीन ने भारत से समर्थन की मांग की, प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा

इजरायली जुल्म के खिलाफ़ समर्थन के लिए फलस्तीन ने भारत से समर्थन की मांग की, प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा

फिलिस्तीन में खराब हालत चलते हर कोई फ़िलिस्तिनियों के समर्थन में आ रहा है। फिलिस्तीन में गाज़ा बॉर्डर पर इजराइली सैनिकों के हमले जारी है। इस बीच मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या भी बढ़ रही है।

ऐसे हालातों को मद्देनज़र रखते हुए फिलिस्तीन के प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया है और फिलिस्तीन में हो रही हिंसा के लिए भारत से समर्थन की माँगा है। साथ ही फिलिस्तीन के समर्थन में सक्रिय रहने के लिए भी कहा है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, कॉन्फ्रेंस जनरल सचिवालय के एक सदस्य ने क़ुद्स प्रेस को बताया कि भारत इजरायल के कब्जे के विरोध में फिलीस्तीनी लोगों के लिए राजनीतिक, लोकप्रिय और मानवाधिकार समर्थन देने का आग्रह किया है।

फिलिस्तीन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने बताया कि, “हमने पूर्व भारतीय अधिकारियों, वर्तमान सांसदों, पत्रकारों और रणनीतिक अध्ययन केंद्रों के साथ-साथ शिक्षाविदों के विशेषज्ञों के साथ कई बैठकें की हैं, और फिलीस्तीनी मुद्दे के साथ अपने व्यक्तित्व की सीमा का उल्लेख किया है और उनका यह विश्वास है कि वह जल्द ही फिलिस्तीनियों की पीड़ा को कम करेंगे। “उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारियों ने हाल के वर्षों में फिलिस्तीनी अधिकारियों की यात्राओं की कमी पर भी गौर किया है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिस्तीन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ने कहा कि, “हम जो फिलीस्तीनी कारणों से महसूस करते हैं, हमें फिलिस्तीनी स्थिति की व्याख्या करने और भारतीय अधिकारियों और राजनीतिक अभिभावकों को इजरायल के कब्जे और इसकी जातिवाद की नीतियों के उल्लंघन के बारे में आगे की कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

आपको बता दें कि, 1988 में फिलिस्तिने की आज़ाद देश के रूप में पहचान दिलाने वाला भारत पहला गैर-अरब देश था। भारत उन 120 से अधिक देशों में भी शामिल था, जिन्होंने दिसंबर 2017 में एक मसौदा संकल्प के पक्ष में मतदान किया था जो कि संयुक्त राज्य अमेरिका के इजराइल की राजधानी येरूशलम की मान्यता देने वाले फैसले को रद्द करने के लिए किया गया था।

Courtsey- World News Arabia

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