Thursday , December 14 2017

इज़राईल ने आठ देशों के साथ अब तक की सबसे बड़ी हवाई ड्रिल का आयोजन किया

An Israeli Air Force F-16 departs on a combat mission during the Blue Flag exercise on Uvda Air Force Base, Israel Nov. 27, 2013. Aircraft from the 492nd Fighter Squadron deployed to participate in the exercise, which promoted improved operational capability, combat effectiveness, understanding and cooperation between the U.S., Israel, Greece, and Italy. The unit engaged multiple heavy air defense assets, ground base targets and simulated opposition forces to meet combined operations requirements. (Official U.S. Air Force photo by Master Sgt. Lee Osberry/Released)

इज़राईल की सेना ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी हवाई ड्रिल आठ देशों के पायलेट और दर्जनों एयरक्राफ़्ट के साथ करवाई।

युएस जर्मनी फ़्रान्स और अन्य देशों के लगभग 1,000 प्रतिभागी ब्लू फ़्लेग नाम की इस तीसरी ड्रिल के लिए इज़राईल आए। जर्मनी, भारत और फ़्रान्स ने इसमें पहले बार भाग लिया।

भाग लेने वाले देशों से लड़ाकू विमान, हेलीकाप्टर और मानव रहित हवाई वाहन सिमुलेशन में शामिल थे, जो विमानविरोधी प्रणालियों से निपटने के लिए वायुसेना से लाए गए थे।

सेना ने बताया कि दो हफ़्तों का यह ड्रिल जो हर दो साल बाद होता है इस क्षेत्र के उतार चढ़ाव के बाद भी होता है।

सेना के नियमों के अंतर्गत रहते हुए नाम ना बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि इस पृष्ठ भूमि के ख़िलाफ़ इतने व्यापक सत्र पर यह ड्रिल काफ़ी महत्वपूर्ण है।

अधिकारी ने बताया कि ड्रिल भाग लेने वाले देशों को आपस में एक दूसरे से सीखने का मौक़ा देती है और मिल कर एक साथ काम करने का भी मौक़ा देती हे जो की भविष्य के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है।

यह ड्रिल ऐसे समय पर आयी है जब इज़राईल पड़ोसी देश सीरिया से चुनौतियों का सामना कर रहा है। जहां ईरान शिया लेबनान के आतंकवादी समूह हज़बल्लाह का समर्थन कर रहा है जो सरकारी बलों के साथ लड़ रहे हैं। इज़राइल को डर है कि कहीं ईरान लेबनान तक की ज़मीन पर अपने दरवाजे पर  शिया “गलियारे” स्थापित ना कर ले जिससे पूरे इलाके में आतंकवादियों और हथियारों की आवाजाही बढ़ जाएगी।

 

 

 

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