Wednesday , February 21 2018

इजाज़त के बगै़र फ़रीज़ा हज की तकमील गै़रक़ानूनी:मुफ़्ती

जद्दा। 21 अक्टूबर( एजैंसीज़) सऊदी अरब ने अपने शहरीयों और ग़ैर मुक़ीम अफ़राद की जानिब से इस साल बगै़र कारआमद हज परमिट्स के फ़रीज़ा हज की तकमील पर रोक लगाने के लिए इक़दामात किए हैं। इस सिलसिला में अवामी बेदारी मुहिम शुरू की गई ही। सऊदी अरब

जद्दा। 21 अक्टूबर( एजैंसीज़) सऊदी अरब ने अपने शहरीयों और ग़ैर मुक़ीम अफ़राद की जानिब से इस साल बगै़र कारआमद हज परमिट्स के फ़रीज़ा हज की तकमील पर रोक लगाने के लिए इक़दामात किए हैं। इस सिलसिला में अवामी बेदारी मुहिम शुरू की गई ही। सऊदी अरब के मुफ़्ती-ए-आज़म ने कहाहै कि इजाज़त के बगै़र फ़रीज़ा हज की अदायगी गै़रक़ानूनी ही। शेख़ अबदुलअज़ीज़ उल-शेख़ ने मक्का मुअज़्ज़मा के गवर्नर की जानिब से जारी करदा ब्यान पर कहा कि हुकूमत सऊदी अरब आज़मीन-ए-हज्ज की सहूलयात के लिए कई इक़दामात कररही है इसी लिए हज परमिट्स हासिल किए बगै़र मक्का मुअज़्ज़मा में दाख़िल होना गै़रक़ानूनी होगा। मुफ़्ती-ए-आज़म ने ये भी कहा कि आज़मीन-ए-हज्ज की जानिब से आम मुक़ामात पर इबादत में मसरूफ़ होजाना या दीगर अवामिल के ज़रीया ट्रैफ़िक को रोक देना ग़ैर शरई अमल होगा। फ़रीज़ा हज की तकमील के लिए आने वाले दीगर मुस्लमानों को मुश्किलात पेश होंगी। वर्ल्ड असैंबली आफ़ मुस्लिम यूथ के अस्सिटैंट सैक्रेटरी जनरल मुहम्मद बादशाह ने कहा कि हज परमिट्स इंतिज़ाम की वो हिमायत करते हैं क्यों कि इस से ना सिर्फ हुजूम पर क़ाबू पाने में मदद मिलेगी बल्कि ज़रूरी ख़िदमात के लिए मंसूबा बनाने में भी आसानी होगी.

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