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इन तीन राज्यों में भाजपा की हैसियत जमानत जब्त वाली पार्टी

नई दिल्ली : पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में फरवरी में चुनावों के लिए कार्यक्रम जारी होने की संभावना है। वो राज्य है मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा। भाजपा भले ही केंद्र में सरकार चला रही है और बड़े राज्यों में भी पार्टी की सरकार है लेकिन जिन 3 राज्यों में चुनाव होने जा रहा है उनमें भाजपा की हैसियत जमानत जब्त पार्टी वाली है। इन 3 राज्यों में भाजपा का वोट प्रतिशत भी कुछ खास नहीं है। आने वाले इन चुनावों में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन राज्यों में खुद पर लगा जमानत जब्त पार्टी का ठप्पा हटाने की होगी।

पिछले 25 साल से सी.पी.एम. के गढ रहे त्रिपुरा में भाजपा के उम्मीदवारों को जमानत बचाने के लाले पड़ जाते हैं। 2013 के चुनाव में भाजपा ने 50 उम्मीदवार मैदान में उतारे जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई। 2008 में भी पार्टी के 49 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी। इसी तरह 2003 में भाजपा के 21 उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सके थे। 1998 में पार्टी ने पहली बार राज्य की सारी 60 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन पार्टी के 58 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

मेघालय की बात करें तो,पिछले चुनाव में भाजपा ने 13 उम्मीदवार मैदान में उतारे लेकिन सबकी जमानत जब्त हो गई। 2008 के चुनाव में पार्टी के 23 में से 1 उम्मीदवार ही चुनाव जीत सका और 21 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। इसी तरह 2003 में पार्टी ने 28 उम्मीदवार मैदान में उतारे लेकिन पार्टी के 2 उम्मीदवार ही चुनाव जीत सके और 21 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 1998 के चुनावों में भी लगभग यही स्थिति रही। इन चुनावों में पार्टी के 28 में से 3 उम्मीदवार जीते जबकि 20 की जमानत जब्त हो गई। 1993 में पार्टी के 20 उम्मीदवारों में से 14 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके थे।

और इसी तरह नागालैंड में पिछले साल भाजपा ने 11 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे जिनमें से 8 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके। 2008 में भाजपा द्वारा मैदान में उतारे गए 23 उम्मीदवारों में से 2 ही चुनाव जीत सके जबकि 15 की जमानत जब्त हो गई। 2003 में पार्टी ने 38 उम्मीदवार मैदान में उतारे जिनमें से 7 उम्मीदवार जीते और 28 की जमानत जब्त हो गई। 1993 में भाजपा के 6 उम्मीदवार थे जिनमें से किसी की भी जमानत नहीं बची।

मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड की 180 विधानसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी के पास नागालैंड में सिर्फ 1 सीट है जबकि 2 अन्य राज्यों में भाजपा की उपस्थिति जीरो है। लिहाजा भाजपा के लिए इन तीनों राज्यों के चुनाव अहम माने जा रहे हैं।

जिन 3 राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं उनमें से मेघालय में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस ने 2013 के चुनाव में राज्य की 60 में से 29 सीटों पर चुनाव जीता था जबकि 8 सीटें यू.डी.पी. को मिली थीं। राहुल को पूर्वोत्तर के इस एकमात्र राज्य में बची कांग्रेस की सरकार को बचाने की चुनौती है। कांग्रेस नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और सिक्किम में पहले ही सरकारें गंवा चुकी है। पूर्वोत्तर में सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को असम में लगा है जहां भाजपा ने सरकार बना ली थी। लिहाजा राहुल के सामने मेघालय में सरकार बचाने की चुनौती होगी।

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