Wednesday , December 13 2017

इफ़रात-ए-ज़र को 4 फ़ीसद तक घटाने का मंसूबा : राजन

मुंबई रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर रघूराम राजन ने कहा कि मुस्तक़बिल के दौरान रीटेल शोबा में इफ़रात-ए-ज़र का हदफ़ मज़ीद घटाया जाएगा क्योंकि इस इक़दाम से सेंटर्ल बैंक मज़ीद मुस्तहकम होगी।

मुंबई

रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर रघूराम राजन ने कहा कि मुस्तक़बिल के दौरान रीटेल शोबा में इफ़रात-ए-ज़र का हदफ़ मज़ीद घटाया जाएगा क्योंकि इस इक़दाम से सेंटर्ल बैंक मज़ीद मुस्तहकम होगी।

मिस्टर राजन ने इक़तिसादी तजज़िया निगारों से बातचीत करते हुए कहा कि आइन्दा दो साल के दौरान इफ़रात-ए-ज़र की शरह को मज़ीद 2 फ़ीसद घटा कर 4 फ़ीसद तक लाने का निशाना मुक़र्रर किया गया है।

उन्होंने एक सवाल पर जवाब दिया कि रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया (आर बी आई) और हुकूमत के माबैन मालियाती पालिसी पर समझौते के बाद ये अमल शुरू किया गया है जिस की हुनूज़ शुरूआत है।

इस में निशाना की तकमील के वसीअतर मौक़े हैं। मिस्टर राजन ने कहा मुझे यक़ीन हेक हिमालयाती साल 2017 के आग़ाज़ तक इफ़रात-ए-ज़र की शरह घट कर 4 फ़ीसद होजाएगी।

मिस्टर राजन ने कहा कि इन इक़दामात केलिए उन्हें हुकूमत से मतलूबा मदद हासिल होती है। उन्होंने मज़ीद कहा कि आर बी आई ने 2015 के दौरान इफ़रात-ए-ज़र की शरह तक़रीबन 6 फ़ीसद रहने का अंदाज़ा लगाया है। जनवरी 2016 में ये शरह 5 फ़ीसद होजाएगी। आर बी आई अपने इक़दामात में मसरूफ़ है और हुकूमत को मज़ीद तआवुन करना होगा।

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