Tuesday , December 19 2017

इफ़रात-ए-ज़र पर क़ाबू पाने ज़रई मार्केटिंग इस्लाहात ज़रूरी

बढ़ते हुए इफ़रात-ए-ज़र पर अंदेशों में मुब्तिला मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने आज कहा कि क़ीमतों को क़ाबू में रखा जा सकता है बशर्ते कि ज़रई मार्केटिंग मैं महकमा जाती इस्लाहात की जाएं। उन्होंने कहा कि वो इस मसला ( समस्या) पर रियास्त

बढ़ते हुए इफ़रात-ए-ज़र पर अंदेशों में मुब्तिला मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस परनब मुकर्जी ने आज कहा कि क़ीमतों को क़ाबू में रखा जा सकता है बशर्ते कि ज़रई मार्केटिंग मैं महकमा जाती इस्लाहात की जाएं। उन्होंने कहा कि वो इस मसला ( समस्या) पर रियास्तों से तबादला-ए-ख़्याल करेंगे।

इफ़रात-ए-ज़र के ताज़ा तरीन आदाद-ओ-शुमार पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए उन्हों ने कहा कि ग़िज़ाई अजनास की क़ीमतों में इज़ाफ़ा पर क़ाबू पाया जा सकता है बशर्ते कि ज़ख़ीरा अंदोजी की सहूलतें फ़राहम की जाएं और ज़रई मार्केटिंग में महकमा जाती इस्लाहात की जाएं।

मर्कज़ी वज़ीर फायनेंस ने कहा कि ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र एक तशवीश का मुआमला है खासतौर पर जबकि ये दो हिन्दसों पर मुश्तमिल अदद तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र से निमटा जा सकता है बशर्ते कि ज़ख़ीरा अंदोजी की सहूलतें और सर दिखाने फ़राहम किए जाएं और ज़रई मार्केटिंग में महकमा जाती इस्लाहात लाज़िमी तौर पर की जाएं।

उन्होंने कहा कि ये दोनों शोबे रियास्ती हुकूमतों के दायरा कार में शामिल हैं। इस लिए ज़रूरी इक़्दामात भी उन्हें ही करने होंगे। उन्होंने कहा कि वो रियास्तों से इस सिलसिला में तबादला-ए-ख़्याल करेंगे। होलसेल क़ीमतों का ईशारीया इफ़रात-ए-ज़र में इज़ाफ़ा होकर अप्रैल में 7.23 फ़ीसद हो गया जबकि गुज़शता माह ये 6.89 फ़ीसद था।

ग़िज़ाई शोबा में इफ़रात-ए-ज़र में 10.49 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ जबकि मार्च में ये 10.66 फ़ीसद ( प्रतिशत) था। इफ़रात-ए-ज़र में इज़ाफ़ा और तरकारीयों, फलों, गोश्त, दूध, दालों और दीगर अशीया की क़ीमतों में अचानक बे इंतिहा-ए-इज़ाफ़ा हो गया है।

ताहम परनब मुकर्जी ने इफ़रात-ए-ज़र में इन्हेतात पर इज़हार इत्मीनान करते हुए कहा कि सनअती मसनूआत की क़ीमतों में कमी पैदा हुई है। बुनियादी इफ़रात-ए-ज़र बहैसीयत मजमूई इत्मीनान बख्श है और सनअती पैदावार इन्हेतात पज़ीर है।

परनब मुकर्जी ने कहा कि बाअज़ ( कुछ) मामूली इज़ाफ़ा बहैसीयत मजमूई हुआ है। इफ़रात-ए-ज़र 6.5 से 7 फ़ीसद बराए माली साल 2012-13 हो सकता है।

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