Tuesday , December 19 2017

इफ़रात ज़र के पेशे नज़र आर बी आई की शरह कटौती नहीं।

नई दिल्ली 17 अक्टूबर रीमरो बैंक आफ़ इंडिया ने मालीयाती साल के दूसरे हिस्सा में शरह सूद में कटौती के लिए मुश्किल हो रही है। इस माह(महीने) के अवाख़िर में पालिसी के जायज़ा इजलास के दौरान देखा गया कि मुल्क मे इफ़रात-ए-ज़र की शरह में बेतहा

नई दिल्ली 17 अक्टूबर रीमरो बैंक आफ़ इंडिया ने मालीयाती साल के दूसरे हिस्सा में शरह सूद में कटौती के लिए मुश्किल हो रही है। इस माह(महीने) के अवाख़िर में पालिसी के जायज़ा इजलास के दौरान देखा गया कि मुल्क मे इफ़रात-ए-ज़र की शरह में बेतहाशा(आचनक) इज़ाफ़ा हुआ है।इस लिए आर बी आई अपनी शरह सूद में कटौती पर ग़ौर(चितां) नहीं कर रहा है।

एचडी एफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहाकि इफ़रात ज़र की शरह औसतन(income) बढ़ गई है। मैं नहीं समझता कि आर बी आई अपनी शरह सूद को कम करेगा। इस मरहला पर इफ़रात ज़र को देखते हुए कोई भी क़दम नहीं उठा सकता।

वज़ीर फ़ीनानस परनब मुकर्जी से मुलाक़ात के बाद पारेख ने अख़बारी नुमाइंदों से कहा कि आर बी आई 30 अक्टूबर को अपने पालिसी पर नज़रसानी करेगी। लेकिन ये इमकान नहीं है कि वो शरह सूद में कमी का फ़ैसला करे। इफ़रात ज़र की शरह 10 महीने के दौरान सितंबर में 7.80 फ़ीसद निशाने को पहूँची है।

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