Saturday , September 22 2018

इराक़ी बोहरान के तेल की क़ीमतों पर असरात

मर्कज़ी हुकूमत फ़िक्रमंद

मर्कज़ी हुकूमत फ़िक्रमंद

इराक़ से दरआमद किए जाने वाले तेल पर ज़बरदस्त इन्हिसार की वजह से वहां की ख़ानाजंगी की बिना पर हिन्दुस्तान मख़दूश हालत में है। नई हुकूमत के इराक़ी बोहरान के तेल की क़ीमतों पर असरात की बहुत ज़्यादा फ़िक्र है। इमकान है कि वो मईशत बहाल करने के लिए तेल की क़ीमतों के बारे में कोई मंसूबा तैयार करे।

ख़ाम तेल की क़ीमतों में तीसरे दिन भी इज़ाफ़ा होगया जबकि अस्करियत पसंदों ने इराक़ में मज़ीद इलाक़ों पर क़बज़ा करलिया। सदर अमरीका ने ख़बरदार किया है कि इस बोहरान की दीगर ममालिक तक भी तौसीअ मुम्किन है। हुकूमत के आला सतही ज़राए ने कहा कि इराक़ हमारे लिए फ़िक्रमंदी की वजह है।

वहां के तशद्दुद का असर तेल की सरबराही और क़ीमतों पर भी मुरत्तिब होसकता है। ख़ाम तेल की क़ीमत गुज़िश्ता 9 माह की अज़म तरीन सतह 115 अमरीकी डॉलर फ़ी बयारल से ज़्यादा होचुकी हैं। हिन्दुस्तान की दरआमदात का 89 फ़ीसद तेल और ईंधन रियायती क़ीमत पर सारिफ़ीन को सरबराह किया जाता है। इस लिए अशिया की तीसरी सब से बड़ी मईशत के लिए खासतौर पर तेल की क़ीमतों में इज़ाफ़ा परेशानकुन है।

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