Sunday , December 17 2017

इराक़ और तुर्की के माबैन(दरमियान) कशीदगी अमरीका पर हालात बिगाड़ने का शुबा

तुर्क वज़ीर-ए-आज़म रजब तुय्यब उर्दोगान की अपने इराक़ी हम मंसब नूरी अल मालिकी पर तन्क़ीद ने दोनों मुल्कों के दरमयान एक नई कशीदगी को जन्म दिया है। तुर्की और इराक़ के दरमयान ताल्लुक़ात में सर्द मोहरी उस वक़्त आई जब शुमाली इराक़ के कुरद अक्सरीयती सूबा कुर्दिस्तान के वज़ीर-ए-आलाम सऊद अलबारज़ानी और अनक़रा के दरमयान खु़फ़ीया(सेक्रेट) बातचीत हुई। बातचीत के बारे में बग़दाद को आगाह नहीं किया गया है।

नूरी अल मालिकी का कहना है कि तुर्की बराह-ए-रास्त बग़दाद से मुज़ाकरात(बात चीत) की बजाय कुर्दिस्तान के वज़ीर-ए-आला मसऊद बारज़ानी के साथ मुज़ाकरात(बात चीत) क्यों कर रहा है? उसे मुल्कों की सतह पर बातचीत करनी चाहिए। वर्ना इराक़ के अंदरूनी मुआमलात में मुदाख़िलत समझा जाएगा।

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