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इराक़ में तशद्दुद ( ज़ुल्म/ अत्याचार) की नई लहर बम हमलों में 111 हलाक

इराक़ में तशद्दुद की नई लहर फूट पड़ी और गुज़शता ( पिछले) ढाई साल के दौरान आज मुल्क भर में मुख़्तलिफ़ ( अलग अलग) मुक़ामात ( जगहों) बम हमले और फायरिंग के वाक़ियात पेश आए जिस में 111अफ़राद ( लोग)हलाक हो (मारे) गए । अलक़ायदा ने इलाक़ा पर दुबारा क़बज़ा ह

इराक़ में तशद्दुद की नई लहर फूट पड़ी और गुज़शता ( पिछले) ढाई साल के दौरान आज मुल्क भर में मुख़्तलिफ़ ( अलग अलग) मुक़ामात ( जगहों) बम हमले और फायरिंग के वाक़ियात पेश आए जिस में 111अफ़राद ( लोग)हलाक हो (मारे) गए । अलक़ायदा ने इलाक़ा पर दुबारा क़बज़ा हासिल करने के लिए मज़ीद ( और भी ) हमलों का इंतिबाह ( चेतावनी) दिया है ।

ओहदेदारों ने बताया कि मुल्क के 19 मुख़्तलिफ़ शहरों में आज तशद्दुद ( ज़ुल्म) के वाक़ियात ( घटनायें) पेश आए और जुमला ( कुल मिला कर) 28 हमले किए गए। इन में तक़रीबन 235 अफ़राद ( लोग) ज़ख़मी हो गए । माह रमज़ान के दौरान अचानक ये तशद्दुद फूट पड़ा जबकि गुज़शता चंद दिनों से आम तौर पर हालात बहाल होते दिखाई दे रहे थे ।

अलक़ायदा के इराक़ के लीडर ने एक दिन क़बल ही ऐलान किया था कि इन के ग्रुप की जानिब से ताज़ा तरीन हमले किए जाएंगे । उन का ग्रुप गुज़शता साल दिसम्बर में अमेरीकी अफ़्वाज (फौज/ सेना) की वापसी के बाद से जिन इलाक़ों में सरगर्मियां तर्क कर चुका था वहां दुबारा सरगर्म और मुनज़्ज़म (संघठित) हो रहा है ।

अलक़ायदा इराक़ में अमेरीकी अफ़्वाज ( सेना) के तख़लिया (खाली करना) और वापसी के बाद से अपनी ताक़त मनवाने की कोशिशों में सरगर्म है और सिक्योरिटी ( सुरक्षा के) इंतेज़ामात में जो खुला है इससे उसे मदद मिल रही है । कहा गया है कि पड़ोसी मुल्क शाम ( सीरीया) में सदर बशर अल असद के ख़िलाफ़ अवामी ब्रहमी (गुस्सा) में इज़ाफ़ा और बागियों की कार्यवाईयों के नतीजा में भी इराक़ में अलक़ायदा के हौसले बुलंद हुए हैं।

अमेरीकी और इराक़ी ओहदेदारों का कहना है कि दहशतगर्द नेटवर्क के इराक़ी विंग ने अब इस्तिहकाम (मजबूती) हासिल कर लिया है । कहा गया है कि हुकूमत इराक़ भी अब मुस्तहकम है और वो अपने तौर पर इक़दामात ( कार्य) कर रही है । हुकूमत की जानिब से हालात पर क़ाबू पाने के इक़दामात के बावजूद आज इतनी भारी तादाद में हलाकतें और रोज़ाना होने वाले तशद्दुद से ज़ाहिर होता है कि अलक़ायदा इराक़ में हनूज़ कार्यवाईयों की सलाहियत रखता है।

कहा गया है कि बंदूक़ बर्दारों ने आज मुल्क के शुमाल मशरिक़ी इलाक़ा में एक फ़ौजी अड्डा पर 13 फौजियों को हलाक कर दिया है जबकि मुल्क गैर सतह पर तशद्दुद ( ज़ुल्म) के वाक़ियात में महलोकेन ( मरने वाले) की तादाद 93 बताई गई है । दो सीनीयर पुलिस ओहदेदारों ने बताया कि बंदूक़ बर्दारों ने आज सुबह सहरी के वक़्त तीन गाड़ीयों में सवार ओदाइम के क़स्बा में फ़ौजी अड्डे पर पहुँचने के बाद फौजियों पर अंधा धुंद फायरिंग कर दी जिस के नतीजा में ये हलाकतें पेश आएं।

किसी के ज़ख़मी होने की इत्तिला नहीं है । एक पुलिस ओहदेदार ने अपनी शनाख़्त ज़ाहिर ना करने की शर्त पर बताया कि मुल्क भर में आज मुनज़्ज़म ( किसी उद्देश्य के) अंदाज़ में हमले किए गए जिस के नतीजा में इतनी भारी तादाद में हलाकतें हुई हैं। ज़राए ( शूत्रों) ने कहा कि दार-उल-हकूमत ( राजधानी) बग़दाद के इलावा सादिया ख़ान बनी साद किरकुक देबीस और कई दीगर ( कई) मुक़ामात पर बम हमले हुए और फायरिंग भी की गई ।

ये हमलों में खासतौर पर फ़ौज और पुलिस को निशाना बनाया गया था । कहा गया है कि बग़दाद के मुज़ाफ़ात ( आस पास के क्षेत्र) में कार बम हमला भी किया गया । मुल्क भर के तादाद में जुमला 93 अफ़राद की हलाकत और दीगर ( अन्य) कई के ज़ख्मी हो जाने की इत्तिला ( खबर) है ।

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