Monday , December 18 2017

इलम सिखाना एक सदक़ा है

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, मुसलमान का सब से अच्छा सदक़ा ये हैके खुद इल्म सीखे, और अपने मुसलमान भाई को सिखाए। (इब्न माजा)

हजरत अबू हुरैरा रज़ी अल्लाहु तआला अनहु से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक (स०) ने फ़रमाया, मुसलमान का सब से अच्छा सदक़ा ये हैके खुद इल्म सीखे, और अपने मुसलमान भाई को सिखाए। (इब्न माजा)

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