Wednesday , February 21 2018

इलाज के लिए सरबजीत को बैरून नहीं भेजेगा पाकिस्तान

नई दिल्ली, लाहौर, 30 अप्रैल: कैदियों के हमले में ज़ख़्मी हुए हिंदुस्तानी शहरी सरबजीत को पाकिस्तान बेहतर इलाज के लिए बैरुन (विदेश) नहीं भेजेगा। वहीं, हिंदुस्तान ने एक बार फिर पाकिस्तान से सरबजीत को इंसानी बुनियाद पर छोड़ने की दरखास्त क

नई दिल्ली, लाहौर, 30 अप्रैल: कैदियों के हमले में ज़ख़्मी हुए हिंदुस्तानी शहरी सरबजीत को पाकिस्तान बेहतर इलाज के लिए बैरुन (विदेश) नहीं भेजेगा। वहीं, हिंदुस्तान ने एक बार फिर पाकिस्तान से सरबजीत को इंसानी बुनियाद पर छोड़ने की दरखास्त की है। पाकिस्तानी आफीसरों ने पीर के दिन उन खबरों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि एक तिब्बी टीम सरबजीत को बैरून भेजने के तज़वीज पर गौर कर रहा है। सरबजीत इस वक्त लाहौर के जिन्ना अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

पाकिस्तान के नि‍गरानकार हुक्मरान के वज़ीर ए इत्तेलात आरिफ निजामी ने बताया कि सरबजीत का इलाज जिन्ना अस्पताल में ही जारी रहेगा। उन्हें सबसे बेहतर तिब्बी सहूलत मुहैया कराई जा रही है। फिलहाल उन्हें किसी दूसरी जगह भेजने का कोई मंसूबा नहीं है। पीर के दिन जिन्ना अस्पताल के एग्जीक्यूटिव आफीसर महमूद शौकत की कियादत में चार रुकनी तिब्बी टीम (Member medical team) ने सरबजीत का चेकअप किया। पंजाब सूबे के हेल्थ डिपार्टमेंट के एक आफीसर ने बताया कि उन्हें बैरून भेजने के किसी तजवीज पर गौर नहीं किया जा रहा है।डॉक्टरों को सरबजीत सिंह के बचने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

जुमे के दिन हिंदुस्तान के रिटायर्ड जज एएस गिल और एमए खान पहले से तय दौरे के तहत पाकिस्तान पहुंचे थे। उन्होंने पाकिस्तान के वज़ारत ए खारेज़ा से सरबजीत को देखने की इज़ाज़त मांगी है। दोनो मेम्बर मंगल के दिन (आज) कोट लखपत जेल का दौरा भी करेंगे। गौरतलब है कि जुमे के दिन लाहौर की कोट लखपत जेल में छह कैदियों ने सरबजीत की बेरहमी से पिटाई की थी, जिसमें उनके सिर की हड्डी टूट गई थीं। वह फिलहाल कोमा में हैं।

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