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इलैक्शन कमीशन के अक्सर फ़ैसले बेहतर , लेकिन चंद फ़ैसलों में उजलत

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात असैंबली इलैक्शन से पहले 2.5 लाख रुपय की ज़बती से मुताल्लिक़ इलैक्शन कमीशन के फ़ैसले का हवाला देते हुए आज कहा कि चुनाव‌ का ये निगरान इदारा हालिया बरसों में बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन बाज़ औक़ात वो अपने फ़ैसलों

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात असैंबली इलैक्शन से पहले 2.5 लाख रुपय की ज़बती से मुताल्लिक़ इलैक्शन कमीशन के फ़ैसले का हवाला देते हुए आज कहा कि चुनाव‌ का ये निगरान इदारा हालिया बरसों में बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन बाज़ औक़ात वो अपने फ़ैसलों में ज़रूरत से ज़्यादा उजलत पसंदी का मुज़ाहरा भी किया है।

जस्टिस डी के जैन की क़ियादत में एक बेंच ने कहा कि इस (इलैक्शन कमीशन) ने हालिया बरसों में बहुत अच्छा काम किया है और हमें उसकी सताइश करना चाहीए। हमें उनको क्रेडिट देना चाहीए, लेकिन बाज़ मर्तबा आप लोगों ने ज़रूरत से ज़्यादा उजलत पसंदी से फ़ैसले भी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट बेंच आज इलैक्शन कमीशन की एक दरख़ास्त पर समात कररही थी जो ढाई लाख रुपय की ज़बती को ग़ैर दस्तूरी क़रार देते हुए गुजरात हाइकोर्ट की तऱाफ से खारिज‌ किए जाने के फ़ैसले को चैलेंज करते हुए दायर की गई थी। ताहम सुप्रीम कोर्ट ने इस दरख़ास्त पर आज कोई फ़ैसला नहीं किया। आइन्दा समाअत पीर‌ तक मुल्तवी करदी गई।

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