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इशरत जहां एनकाउंटर केस: पुलिस अफ़्सर पांडे ने रेम्बो का रोल निभाया

अहमदाबाद 29 जून: गुजरात हाईकोर्ट ने रियासत के आला पुलिस ओहदेदार पी पी पांडे की तरफ से इशरत जहां फ़र्ज़ी एनकाउंटर केस में अपने ख़िलाफ़ दायर करदा एफ आई आर को कुलअदम क़रार देने के लिए पेश करदा दरख़ास्त पर 01 जुलाई तक अपना फैसला महफ़ूज़ करदिया ह

अहमदाबाद 29 जून: गुजरात हाईकोर्ट ने रियासत के आला पुलिस ओहदेदार पी पी पांडे की तरफ से इशरत जहां फ़र्ज़ी एनकाउंटर केस में अपने ख़िलाफ़ दायर करदा एफ आई आर को कुलअदम क़रार देने के लिए पेश करदा दरख़ास्त पर 01 जुलाई तक अपना फैसला महफ़ूज़ करदिया है।

ताहम सी बी आई ने पांडे को 2004 के इशरत जहां उएनकाउंटर केस का असल सरग़ना क़रार दिया है। इशरत जहां फ़र्ज़ी एनकाउंटर केस की तहकीकात करनेवाली सी बी आई टीम ने कहा कि फ़र्ज़ी एनकाउंटर की सारी कार्रवाई में पी पी पांडे ने रेम्बो (जुनूनी जारह शख़्स) के अंदाज़ में काम किया।

मुंबई की 19 साला लड़की इशरत और इस के तीन साथियों को अहमदाबाद पुलिस की क्राईम ब्रांच टीम ने गोली मार दी थी और बाद में ये दावा किया था कि महलोकेन दहश्तगर्द थे।

जस्टिस हर्षा दीवानी ने तमाम फ़रीक़ों की बेहस की समाअत के बाद 01 जुलाई को अपना फैसला सुनाने का एलान किया। सी बी आई ने 1982 बयाच के एस आई पी एस ओहदेदार को मफ़रूर मुल्ज़िम क़रार दिया था जिस ने अदालत में दावा किया कि इस ने महिज़ ये इंटेलिजेंस इत्तेला दी थी कि दो ता चार दहश्तगर्द जो एनकाउंटर में हलाक किए गए , चीफ मिनिस्टर मोदी को हलाक करने के लिए अहमदाबाद पहूंचे थे।

ताहम एडीशनल सालीसीटर जनरल इंदिरा जुय‌ सिंह ने दावा किया कि पांडे ही इन चार अफ़राद की हलाकत का असल साज़िशी सरग़ना है ।

पांडे ने इस कार्रवाई में अफ़सानवी किरदार रेम्बो जैसे माइल बह तशद्दुद जारिहाना शख़्स का रोल अदा किया था।

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