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इश्क्रे रसूल ( स्०अ०व्०) कामिल ईमान की बुनियाद

बीदर, ०‍९ फरवरी ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) जनाब सी एम इबराहीम साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर ने कहा कि हुज़ूर अक़्दस ए रहमतुल आलमीन बन कर दुनिया में तशरीफ़ लाए और आप (स्०अ०व्०) ऐसे रोशन चिराग़ हैं कि जिस की रोशनी में रोए ज़मीन के तमाम चिराग़ रोशन है

बीदर, ०‍९ फरवरी ( सियासत डिस्ट्रिक्ट न्यूज़ ) जनाब सी एम इबराहीम साबिक़ मर्कज़ी वज़ीर ने कहा कि हुज़ूर अक़्दस ए रहमतुल आलमीन बन कर दुनिया में तशरीफ़ लाए और आप (स्०अ०व्०) ऐसे रोशन चिराग़ हैं कि जिस की रोशनी में रोए ज़मीन के तमाम चिराग़ रोशन हैं ।

मौसूफ़ अहाता मस्जिद मदरसा महमूद गावान में कारवाँ अदब और मर्कज़ी रहमत आलम कमेटी के ज़ेर-ए-एहतिमाम मुनाक़िदा जलसा रहमतुल आलमीन को मुख़ातिब कर रहे थे । उन्होंने कहा कि ईमान की बुनियाद अक्ल के दलायल पर नहीं रखी जा सकती ।

हुज़ूर अक़्दस )स्०अ०व्०) से इशक़ की बुनियाद पर ईमान की बुनियाद रखी जाय तो ईमान-ए-कामिल होगा । अल्लाह का इरशाद है कि जो मेरे हबीब (स्०अ०व्०) से मुहब्बत रखता है मैं इससे मुहब्बत रखता हूँ । उन्हों ने कहा कि ख़ुद को मुस्लमान बनाना है तो पहले अपने नफ़स को मुस्लमान बनाना ज़रूरी है । हुज़ूर मुहम्मद (स्०अ०व्०) के सदक़े में हमें क़ुरान-ए-पाक और रमज़ान उल-मुबारक का तोहफ़ा मिला ।

उन्होंने कहा कि मुस्लमान अपने दिलों में हुज़ूर (स्०अ०व्०) की मुहब्बत पैदा करें और अपने बच्चों की तर्बीयत पर ख़ुसूसी तवज्जा दें । मौलाना मिनहाज कादरी शरफ़ी शाही ख़तीब मस्जिद किंग कोठी हैदराबाद ने अपने ख़िताब में कहा कि हज़रत सैय्यदना मुहम्मद (स्०अ०व्)तख़लीक़-ए-कायनात का बाइस हैं । हुज़ूर इकराम (स्०अ०व्०) की मीलाद ए मुबारक तमाम इंसानियत बिलख़सूस अहल ईमान पर अल्लाह ताला का एहसान अज़ीम है और इसकी अता करदा नेमतों में सब से बड़ी नेमत है ।

मौलाना हाफ़िज़ पीर मुहम्मद इस्माईल शाह कादरी हैदराबाद , सैयद सिराज उद्दीन कामिल अलफ़क़ा और सैयद मंसूर कादरी ने भी मुख़ातिब किया । हाफ़िज़ मुहम्मद उबैदुल्लाह ख़ान अत्तारी की क़िरात कलाम पाक से जलसा का आग़ाज़ हुआ । मिर्ज़ा महबूब बेग , मुहम्मद शफ़ी उद्दीन , शेख़ तौहीद रिज़वी और मुहम्मद उबैदुल्लाह ने हम्द-ओ-नात का नज़राना पेश किया ।

अल्हाज जनाब मुहम्मद अबदुल जब्बार एडवोकेट , मुहम्मद हबीब अल रहमान , मुहम्मद ग़ौस क़ुरैशी और जनाब मुहम्मद फ़िरासत अली एडवोकेट शाह नशीन पर मौजूद थे । जलसा-ए-गाह के अंदरूनी-ओ-बैरूनी हिस्सा को ख़ुसूसी बर्क़ी से बक़ाया नूर बनाया गया था ।

जनाब असलम फ़रशूरी हैदराबाद और जनाब मुहम्मद अबदुस्समद ने निज़ामत के फ़राइज़ अंजाम दिए । जनाब मुहम्मद फ़िरासत अली एडवोकेट कन्वेनर जलसा ने शुक्रिया अदा किया । अत्तारी टीम ने सलाम का नज़राना पेश किया।

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