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इश्तिआल अंगेज़ी फैलाने वालों को अवामी ज़िंदगी से दूर रखा जाये

हैदराबाद 03 जनवरी: मजलिस के रुकन असेंबली अकबर उद्दीन उवेसी एक मख़सूस तबक़ा के ख़िलाफ़ इश्तिआल अंगेज़ तक़ारीर के बाद तनाज़ा में घर गए हैं और शहर की अदालत में दाएर करदा शिकायत पर आज‌ फ़ैसला सुनाया जाने वाला है।

हैदराबाद 03 जनवरी: मजलिस के रुकन असेंबली अकबर उद्दीन उवेसी एक मख़सूस तबक़ा के ख़िलाफ़ इश्तिआल अंगेज़ तक़ारीर के बाद तनाज़ा में घर गए हैं और शहर की अदालत में दाएर करदा शिकायत पर आज‌ फ़ैसला सुनाया जाने वाला है।

कई सयासी जमातों ने अकबर उवेसी के रिमार्कस की सख़्ती से मुज़म्मत की और उन पर निर्मल टाउन ज़िला आदिलबाद में इश्तिआल अंगेज़ तक़रीर के अलावा तौहीन आमेज़ फ़िक़रे किसने का इल्ज़ाम आइद किया।

एडीशनल चीफ़ मेट्रोपोलैटिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने प्रैक्टिस कररहे एडवोकेट करूणा सागर की शिकायत को समाअत के लिए क़बूल कर लिया था।

उन्होंने दावा किया कि अदालत में अकबर उद्दीन उवेसी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें मुसलसल धमकी आमेज़ फ़ोन कालिस मौसूल होरहे हैं।

उन्हों ने अदालत से इस केस की रास्त समाअत की दरख़ास्त की। अदालत ने मुआमले की आइन्दा समाअत कल मुक़र्रर की है जिस में ये फ़ैसला किया जाएगा कि पुलिस को अकबर उद्दीन उवेसी के ख़िलाफ़ इश्तिआल अंगेज़ तक़रीर पर एफ़ आई आर दर्ज करने का हुक्म दिया जाये या फिर अदालत अज़ ख़ुद कार्रवाई करते हुए मजलिसी लीडर को सुमन जारी करे।

करूणा सागर ने 28 दिसमबर को अदालत में शिकायत दाख़िल करते हुए अकबर उद्दीन उवेसी के ख़िलाफ़ दफ़ा 295A ( दानिस्ता तौर पर और इरादा तन किसी मख़सूस तबके के मज़हबी एहसासात मजरूह करना और मज़हबी एकाँकी तौहीन करना ) और दफ़ा 153A ( दो फ़िरक़ों में मज़हबी बुनियादों पर मुनाफ़िरत फैलाना ) के अलावा ताअज़ीरात-ए-हिंद की मुताल्लिक़ा मुख़्तलिफ़ दफ़आत के तहत मुक़द्दमा दर्ज करने की ख़ाहिश की।

क़ब्लअज़ीं दौरान समाअत करूणा सागर को अदालत ने बताया था कि एम आई एम रुकन असेंबली के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन्हें मुसलसिल धमकी आमेज़ फ़ोन कालिस वसूल होरहे हैं।

उन्हों ने इस मुआमले की आजलाना समाअत और यकसूई की अदालत से दरख़ास्त की थी।उन्हों ने कहा कि पुलिस में अकबर उद्दीन उवेसी के ख़िलाफ़ कई शिकायात ज़ेर तसफ़ीया हैं चुनांचे अदालत को चाहीए कि वो अज़ ख़ुद कार्रवाई करते हुए मजलिसी लीडर के ख़िलाफ़ सुमन जारी करे।

मजलिस के सदर असद उद्दीन उवेसी ने ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि उन की पार्टी अदालत का जो भी फ़ैसला हो उस की तामील करेगी।

उन्हों ने कहा कि ये मुआमला अदालत में ज़ेर दौरान है इस लिए वो कोई तबसरा नहीं करेंगे। कांग्रेस तर्जुमान राशिद अलवी ने कहा कि इस मुआमले में क़ानून अपना काम करेगा, अगर किसी ने क़ानून की ख़िलाफ़वरज़ी की है तो इस पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।मजलिस ने चंद माह पहले कांग्रेस पार्टी से मुफ़ाहमत ख़त्म करलि और इस के बाद इस ने अपनी मज़हबी शनाख़्त को ज़्यादा शिद्दत से पेश करने की कोशिश की है।

निर्मल में जल्सा-ए-आम में अकबर उवेसी की तक़रीर इसी सिलसिले की एक कड़ी है। कांग्रेस लीडर डग वजए सिंह ने भी कहा कि इश्तिआल अंगेज़ तक़ारीर करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहीए।

उन्हों ने कहा कि एसे लोगों को अवामी ज़िंदगी से दूर रखने की ज़रूरत है और यही ज़्यादा बेहतर है। समाजवादी पार्टी के कमाल फ़ारूक़ी ने कहा कि मुल्क मुख़्तलिफ़ फ़िरक़ों के माबैन नफ़रत को बर्दाश्त करने का मुतहम्मिल नहीं होसकता।

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