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इसराईल को फ़लस्तीनीयों के एहतिजाज का ख़ौफ़

मस्जिद नज़र-ए-आतिश करने के वाक़िया के बाद मस्जिद उकसा में नमाज़ जुमा की अदायगी से रोक दिया गया

मस्जिद नज़र-ए-आतिश करने के वाक़िया के बाद मस्जिद उकसा में नमाज़ जुमा की अदायगी से रोक दिया गया
बैत-उल-मुक़द्दस 7 अक्टूबर (एजैंसीज़) शुमाली इसराईल में गुज़श्ता दिनों मस्जिद नज़र-ए-आतिश करने के वाक़िया के बाद फ़लस्तीनीयों में पाए जाने वाले ग़म-ओ-ग़ुस्सा के पेशे नज़र इसराईल ने एहितजाजी मुज़ाहिरों के अंदेशों के तहत आज नमाज़ जुमा के मौक़ा पर फ़लस्तीनीयों को मस्जिद उकसा आने से रोक दिया। इसराईल को इस बात का ख़ौफ़ था कि फ़लस्तीनी अवाम नमाज़ जुमा की अदायगी के लिए बैत-उल-मुक़द्दस मस्जिद उकसा पहूंच कर गुज़श्ता दिनों शुमाली इसराईल में एक मस्जिद को नज़र-ए-आतिश करने के वाक़िया के बाद एहतिजाज करते हुए तशद्दुद का रास्ता इख़तियार करेंगे। आज का दिन यहूदी कैलिंडर के मुताबिक़ यहूदीयों के लिए एक मुक़द्दस दिन भी समझा जाता है। यौम कीपोर मुक़ाम पर यहूदीयों की अक्सरीयत भी इबादत करती है। मस्जिद उकसा के अतराफ़ नाका बंदी इसराईली फ़ौज की वसीअ तर कार्यवाईयों का एक हिस्सा बताई जा रही है जिस के तहत फ़ौज ने मग़रिबी किनारा से बैत-उल-मुक़द्दस आने वाले तमाम रास्तों को बंद करदिया था। पाबंदीयों के तहत सिर्फ 45 साल से ज़ाइद उम्र के मुस्लमानों को इसराईली रिहायश का इजाज़तनामा रखने पर ही बैत-उल-मुक़द्दस जाने की इजाज़त थी। यरूशलम के क़दीम शहर में मस्जिद तक पहूंचने के लिए सख़्त पहरा लगा दिया गया था लेकिन यहां पर ख़वातीन के लिए कोई पाबंदी आइद नहीं थी इस लिए सैंकड़ों फ़लस्तीनी ख़वातीन ने नमाज़ जुमा के मौक़ा पर बैत-उल-मुक़द्दस पहूंचें। मशरिक़ी यरूशलम में पुलिस और सरहदी गार्ड्स को ताय्युनात किया गया था जहां क़दीम शहर वाक़िया है। फ़ौज ने कहाकि हफ़्ता तक सारे इलाक़ा की नाका बंदी करदी गई है। इस इलाक़ा में तातील के बाइस अवाम की बड़ी तादाद बैत-उल-मुक़द्दस पहूंचने की कोशिश कररही है। बैत-उल-मुक़द्दस आने वालों में सिर्फ उन अफ़राद को इस्तिस्ना दिया गया है जिन्हें तिब्बी मुआइने की ज़रूरत पेश आती है। इसराईल ने मग़रिबी किनारा से मुत्तसिल तमाम क्रासिंग प्वाईंटस को एक मख़सूस अंदाज़ से बंद करदिया है। इसराईल को ख़ौफ़ है कि फ़लस्तीनीयों की जानिब से यहां हमले किए जा सकते हैं। ग़ज़ा पट्टी में जहां 2007 -ए-से इस्लाम पसंद हम्मास तहरीक इक़तिदार पर है, आज बंद मनाया गया। यौम कीपोर (गुनाहों की माफ़ी का दिन) के मौक़ा पर यहूदी अपने गुनाहों की माफ़ी केलिए मुर्ग़ीयों का उतारा करते हैं और रोज़ा रख कर इबादत भी करते हैं। गुज़श्ता 26 घंटों के दौरान अर ट्रैफ़िक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेडीयो और टेलीविज़न प्रोग्रामों को भी मुकम्मल तौर पर मस्दूद किया गया। इसी दौरान इसराईल ने कहाकि इस ने मग़रिबी किनारा मैं 5 फ़लस्तीनीयों को गिरफ़्तार किया है जो संगबारी के ज़रीया एक यहूदी नैआबाद कार को हलाक करने के ख़ाती पाए गए हैं। इस माह के अवाइल में इन की गिरफ़्तारी अमल में आई लेकिन इसराईल ने इस का आज ऐलान किया। इसराईल ने बतायाकि फ़लस्तीनीयों की कार्यवाईयों की वजह से ही एक यहूदी नौजवान ने इंतिक़ाम लेते हुए शुमाली इसराईल के अरब मौज़ा में वाक़्य मस्जिद को नज़र-ए-आतिश किया था। 23 सितंबर को एक यहूदी नैआबाद कार की मौत वाक़्य हुई थी। इस के बेटे ने अपने बाप का इंतिक़ाम लेने के लिए मस्जिद पर हमला किया और दर-ओ-दीवार पर इश्तिआल अंगेज़ नारे लिखे।

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