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इस्तीफ़ा पेश करके दुबारा मुक़ाबला करना, क़ुर्बानी नहीं

हैदराबाद 03 नवंबर (सियासत न्यूज़) साबिक़ सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मिस्टर डी श्री निवास ने दिल्ली में पार्टी सदर मिसिज़ सोनीया गांधी से मुलाक़ात की और ऐम अल सी नामज़द करने पर इज़हार-ए-तशक्कुर किया।

हैदराबाद 03 नवंबर (सियासत न्यूज़) साबिक़ सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मिस्टर डी श्री
निवास ने दिल्ली में पार्टी सदर मिसिज़ सोनीया गांधी से मुलाक़ात की और ऐम अल सी नामज़द करने पर इज़हार-ए-तशक्कुर किया।

उन्हों ने कहा कि अस्तीफ़ा दे कर दुबारा मुक़ाबला करना क़ुर्बानी नहीं ही, कांग्रेस हाईकमान तलंगाना रियासत तशकील देने के लिए संजीदा है और फ़ैसला की जानिब क़दम बढ़ा रही है। सोनीया गांधी से मुलाक़ात के बाद मीडीया से बातचीत करते हुए उन्हों ने कहा कि मुलाक़ात ख़ैर सगाली थी, इस में तलंगाना रियासत तशकील देने के फ़ैसले नहीं हुई। कांग्रेस कोर कमेटी और हाई पावर कमेटी में फ़ैसले किए जाते हैं।

ऐसी मुलाक़ातों में सिर्फ हम अपनी राय पेश करते हैं। मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला मिस्टर चिदम़्बरम ने भी कहा है कि ईद के बाद फ़ैसला किया जाएगा। पार्टी हाईकमान मसला की यकसूई के लिए मुसलसल कांग्रेस कोर कमेटी का इजलास तलब कर रही है और लगातार मुशावरत जारी ही। उन्हें यक़ीन है कि बहुत जल्द फ़ैसला हो जाएगा।

कांग्रेस के तीन अरकान असैंबली की टी आर ऐस में शमूलीयत के ताल्लुक़ से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मिस्टर डी सरीनवास ने कहा कि कांग्रेस के अरकान ने जलदबाज़ी में फ़ैसला किया ही, वो अब टी आर ऐस में शमूलीयत इख़तियार करचुके हैं, अब उन से अपने फ़ैसला पर नज़रसानी की अपील करने की गुंजाइश बाक़ी नहीं रही।

मुसीबत के मौक़ा पर पार्टी के साथ रहते हुए वफ़ादारी निभाना ज़रूरी ही, पार्टी में रहते हुए जमहूरी अंदाज़ में पार्टी हाईकमान पर अपने मुतालिबा को पूरा करने के लिए दबाव् डालना चाहियॆ। जलदबाज़ी में फ़ैसला करने की बजाय सब्र-ओ-तहम्मुल का मुज़ाहरा ज़रूरी ही। वो कांग्रेस के तमाम अरकान-ए-पार्लीमैंट और अरकान असैंबली से अपील करते हैं कि वो रियासत में पार्टी के इस्तिहकाम के लिए काम करें। टी आर इसके रवैय्या पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए साबिक़ सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि वो टी आर उसके ख़िलाफ़ कोई रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करना मुनासिब नहीं समझती।

अरकान असैंबली की जानिब से दी जाने वाली क़ुर्बानी से मुताल्लिक़ सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अस्तीफ़ा देना और ज़िमनी इंतिख़ाबात में कामयाबी हासिल करना क़ुर्बानी नहीं है और ना ही अस्तीफ़ों से मसला का हल दरयाफ़त होता है। अपने ओहदों पर बरक़रार रहते हुए जमहूरी अंदाज़ में एहतिजाज करना चाआई। ओहदे आते जाते हैं, हमें मौक़िफ़ पर डटे रहना चाहिए , ताहम उन्हों ने कहा कि रियासत के हालात बहुत जल्द मामूल पर आ जायेंगे।

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