Monday , December 11 2017

इस्मत रेज़ि का शिकार लड़कियों से मुल्ज़िमीन की शादी

पटना चीफ़ मिनिस्टर बिहार की तजवीज़ पर ख़वातीन कमीशन की तन्क़ीद

पटना

चीफ़ मिनिस्टर बिहार की तजवीज़ पर ख़वातीन कमीशन की तन्क़ीद

नाबालिग़ बच्चीयों की इस्मत रेज़ि और उनके हामिला होजाने के बढ़ते हुए वाक़ियात को जब मीडीया में बहुत ज़्यादा कवरेज दिया जाने लगा तो ना सिर्फ़ पुलिस बल्कि सियासतदां भी गहिरी नींद से जाग गए हैं। वज़ीर-ए-आला जतिन राम मांझी ने भी एक मुतनाज़ा बयान दे कर मुसीबत मोल ली है।

उनसे जब मीडिया वालों ने पूछा कि नाबालिग़ लड़कियों की इस्मत रेज़ि करने वालों के ख़िलाफ़ क्या इक़दामात किए जाऐंगे तो उनका जवाब हैरानकुन था। उन्होंने कहा कि पहले तो ये कोशिश की जाएगी कि जिन मुल्ज़िमीन ने इस्मत रेज़ि की है उनकी शादियां मुतास्सिरा लड़कियों से करदी जाएं और अगर मुल्ज़िमीन राज़ी ना हो तो इस सूरत में उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया सिर्फ़ यही बात जानने का ख़ाहां है कि आख़िर ख़ातियों के लिए हुकूमत के पास सज़ा का कौन सा तरीक़ा है? क्या इनका जुर्म मुस्तौजिब सज़ा नहीं?। क़ौमी कमीशन बराए ख़वातीन की सरबराह यासमीन इबरार का कहना है कि जतिन राम मांझी ने जो भी बयान दिया है इस से उनका मंशा-ए-ज़ाहिर होजाता है यानी वो ख़ुद भी ख़ातियों को सज़ा-ए-दिए जाने की ताईद करते हैं लेकिन दूसरी तरफ़ वो ख़ातियों को राह रास्त पर लाने या मुतास्सिरा लड़कियों की इस्मत पर लगे दाग़ को शादी के ज़रिए धोने के ख़ाहां हैं। एक और सियासतदां ने भी यही बताया कि हमारे समाज का उसूल कुछ ऐसा है कि मुतास्सिरा लड़कियों के साथ हमदर्दी तो हर कोई करेगा लेकिन उन्हें ज़िंदगी भर के लिए अपनाने कोई तैयार नहीं होगा।

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