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इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक फिर से मुसीबत में

क्वालालंपुर : मलेशियाई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के एक समूह ने मलेशिया में विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक की स्थायी निवास परमिट को रद्द करने के लिए क्वालालंपुर उच्च न्यायालय में मामला दायर किया है।

इन कार्यकर्ताओं ने अदालत को सूचित किया है कि भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नाईक के खिलाफ मामला दायर किया है और वह भारत सरकार द्वारा वांछित अपराधी हैं। कार्यकर्ताओं ने भी अदालत से कहा है कि इस्लामी उपदेशक मलेशिया की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। इन कार्यकर्ताओं के अनुसार, यदि नाईक की मलेशियाई निवास परमिट रद्द नहीं की गई है, तो यह मलेशिया और अन्य देशों के बीच के संबंध खराब होगा।

इससे पहले, 17 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह, मलय अधिकार समूह परकासा ने भी जाकिर नाइक को भारत में सौंपने का मामला दर्ज किया था। निर्वासन के मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को है

एनआईए ने जाकिर नायक के खिलाफ धारा 120 (बी), 153 (ए), 2 9 5 (ए), 2 9 8 (ए), 505 (2) की आईपीसी और यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के विभिन्न वर्गों के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है। गृह मंत्रालय द्वारा शीघ्र ही अनुमोदित होने की संभावना है।

जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को पहले ही 5 साल तक भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है और उसके सभी बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है। एनआईए के सूत्रों ने इंडिया टुडे से कहा है कि नाईक के खिलाफ चार्जशीट इस महीने के अंत तक दायर की जा सकती है।

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