Saturday , December 16 2017

इस्लामिक बैंकिंग की हिन्दुस्तान में अभी इजाज़त नहीं-आर बी आई

श्रीनगर 9 मई (पी टी आई) रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर डी सुब्बा राव ने आज कहा कि मौजूदा क़वानीन मुलक में इस्लामिक बैंकिंग की इजाज़त नहीं देते। लेकिन मौज़ूं क़ानूनसाज़ी के ज़रीया इस अहम तिजारती नमूने के लिए राह हमवार की जा सकती है।

श्रीनगर 9 मई (पी टी आई) रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया के गवर्नर डी सुब्बा राव ने आज कहा कि मौजूदा क़वानीन मुलक में इस्लामिक बैंकिंग की इजाज़त नहीं देते। लेकिन मौज़ूं क़ानूनसाज़ी के ज़रीया इस अहम तिजारती नमूने के लिए राह हमवार की जा सकती है।

सुब्बा राव ने कश्मीर यूनीवर्सिटी के बिज़नस स्कूल तलबा से मुशावरती सेशन में बताया कि हिंदूस्तान के बैंकिंग क़ानून और यहां के बैंकिंग रेगूलेशन एक्ट के तहत सूद हासिल किए बगै़र बैंकों के लिए तिजारत करना मुम्किन नहीं। हर शाम जब किसी बैंक में रक़म की क़िल्लत होती है तो उन्हें आर बी आई से रक़म हासिल करनी पड़ती है और इस के लिए सूद भी अदा करना होता है।

उन्होंने कहा कि इस्लामिक बैंकिंग सिस्टम के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता। सुब्बा राव ने कहा कि अगरचे मौजूदा क़वानीन (नियम) इस्लामिक बैंकिंग के लिए मुताबिक़ नहीं हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि ऐसी कोई गुंजाइश ही नहीं पाई जाती। उन्होंने कहा कि हुकूमत को इस मसले पर बहस करनी चाहिए और वो इस्लामिक बैंकिंग के ताल्लुक़ से फ़ैसला करते हुए क़ानूनसाज़ी करे जिसके बाद आर बी आई इस क़ानून पर अमल करेगी।

सुब्बा राव ने कहा कि इस्लामिक बैंकिंग एक अहम तिजारती मॉडल है और कई मुल्कों में मक़बूल है। ना सिर्फ़ इस्लामी मुल्क बल्कि ग़ैर इस्लामी ममालिक में भी इसे मक़बूलियत हासिल है। कुछ मुल्क इस्लामिक बैंकिंग को सरगर्मी से फ़रोग़ (विकास) दे रहे हैं । हमें भी ऐसी कई दरख़ास्तें मौसूल हुईं हैं कि हिंदूस्तान में आर बी आई को इस्लामिक बैंकिंग की इजाज़त दीनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये एक सयासी मामला है और इस ताल्लुक़ से बहस के बाद ही हुकूमत फ़ैसला कर सकती है। उन्होंने कहा कि आर बी आई जल्द ही प्लास्टिक करंसी लाने वाली है। अगर तजुर्बाती मरहले पर उसे कामयाबी मिलती है तो सारे मुल्क में प्लास्टिक करंसी को आम कर दिया जाएगा ।

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