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इस्लामी तालीमात के ज़रीया क़ियाम अमन मुम्किन

हैदराबाद २२। अगस्त : ( रास्त ) : जिस तरह सहाबा करामओ ने क़लील अर्सा में इस्लामी तालीमात , क़ुरान-ए-पाक के ख़ैर के पैग़ाम पर अपने अमल-ओ-तक़वा से सारी दुनिया में तब्लीग़ दीन हक़ की मेहनत को ज़िम्मेदारी से निभाया । इस्लामी तालीमात को हक़ क

हैदराबाद २२। अगस्त : ( रास्त ) : जिस तरह सहाबा करामओ ने क़लील अर्सा में इस्लामी तालीमात , क़ुरान-ए-पाक के ख़ैर के पैग़ाम पर अपने अमल-ओ-तक़वा से सारी दुनिया में तब्लीग़ दीन हक़ की मेहनत को ज़िम्मेदारी से निभाया । इस्लामी तालीमात को हक़ की मुतलाशी प्यासी इंसानियत तक पहुंचाया ।

नतीजतन क़लील अर्सा में दुनिया इस्लाम से क़रीब हुई । क़ुरून-ए-ऊला के ग़यूर मुस्लमानों ने ये ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ली और सारी दुनिया में इस्लाम की पुरअमन फ़िज़ा क़ायम हुई । लेकिन अफ़सोस आज ईमान वाला इस अहम मंसबी फ़रीज़े से ग़फ़लत बरत रहा है जिस की वजह से बिरादरान वतन इस्लाम / मुस्लमानों से बदगुमान , बुग़ज़-ओ-इनाद रख रहे हैं । और इस्लाम-ओ-मुस्लमानों के ख़िलाफ़ सफ़ आरा हो कर मुनज़्ज़म तरीक़े से मंसूबा बंद हमला कर रहे हैं ।

इन तमाम का तदारुक बिरादरान वतन को दावत देन हक़ पहुंचाने से मुम्किन है । इन ख़्यालात का इज़हार डाक्टर मुहम्मद सिराज अलरहमन नक़्शबंदी सियोल सर्जन ने ईदगाह सनअत नगर में ख़ुतबा ईद अलफ़तर में क्या । उन्हों ने करानी तालीमात को ग़ैर मुस्लिमों तक पहुंचाने और ख़ुद मुस्लमान भी इस दौर में इन तालीमात से अपनी दूरी को ख़तनकरने पर ज़ोर दिया ।

डाक्टर सिराज अलरहमन ने इमामत की और दुआ की । जनाब सय्यद सिराज उद्दीन सदर ईदगाह ने इंतिज़ामात की निगरानी की ।।

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