इस्लाम का दहश्तगर्दी से कोई ताल्लुक़ नहीं , प्रोफेसर ब्रूस बी लोरेंस

इस्लाम का दहश्तगर्दी से कोई ताल्लुक़ नहीं , प्रोफेसर ब्रूस बी लोरेंस
हैदराबाद 22 फ़रवरी ( सियासत न्यूज़) दुनिया के मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब का तक़ाबुली रिसर्च करने वाली अमरीका की नामवर शख़्सियत प्रोफ़ेसर ब्रूस बी लोरेंस ने कहा कि इस्लाम का दहश्तगर्दी से कोई ताल्लुक़ नहीं है और जो ताक़तें इस्लाम को दहश्

हैदराबाद 22 फ़रवरी ( सियासत न्यूज़) दुनिया के मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब का तक़ाबुली रिसर्च करने वाली अमरीका की नामवर शख़्सियत प्रोफ़ेसर ब्रूस बी लोरेंस ने कहा कि इस्लाम का दहश्तगर्दी से कोई ताल्लुक़ नहीं है और जो ताक़तें इस्लाम को दहश्तगर्दी से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं उन का ये प्रोपगंडा बेबुनियाद है।

प्रो. लोरेंस जो हिंदुस्तान के मुख़्तलिफ़ शहरों के दौरा पर हैं, आज हैदराबाद के अमरीकी कौंसिलेट में मुंतख़ब अख़बारी नुमाइंदों से बात-चीत कर रहे थे। प्रोफ़ेसर लोरेंस ने ना सिर्फ़ मुख़्तलिफ़ ज़ुबानों का तक़ाबुली जायज़ा लिया बल्कि उन की तालीमात और उन की मज़हबी किताबों का गहराई से मुताला किया।

उन्होंने क़ुरआन मजीद की तफ़सीर मुख़्तलिफ़ मुफ़स्सिरीन के हवाले से पढ़ी है और इस बारे में मुख़्तलिफ़ मज़ामीन तहरीर किए हैं। वो एक साथ कई एक ज़ुबानों पर उबूर रखते हैं यही वजह है कि उन्हें इस्लाम, हिंदूज़म और दीगर मज़ाहिब पर रिसर्च करने में सहूलत हुई।

प्रो. ब्रूस लोरेंस ने अपनी 30 ता 35 बर्सों की तहक़ीक़ की बुनियाद पर कई किताबें भी तहरीर की हैं। उन्हों ने सूफ़ीज़म का भी गहराई से मुताला किया है। मौजूदा हालात में इस्लाम को दहश्तगर्दी से जोड़ने और ख़वातीन के हुक़ूक़ और इस्लाम में जिहाद के नज़रिया पर उन्हों ने अपने ख़्यालात का इज़हार किया।

उन्होंने बाअज़ गोशों की जानिब से इस्लाम में ख़वातीन के साथ नाइंसाफ़ी से मुताल्लिक़ प्रोपगंडा को भी मुस्तर्द कर दिया। प्रो. लोरेंस ने इस्लाम के नज़रिया जिहाद के बारे में पाई जाने वाली ग़लत फ़हमियों का भी अज़ाला किया और कहा कि सूरतुल तौबा में कुफ़्फ़ार को कत्ल करने के बारे में जिस आयत का हवाला दिया जाता है इस का पसमंज़र के साथ मुताला करना चाहीए।

सिर्फ़ सियाक़ और सबॉक् के बगै़र आयत पढ़ने से ग़लत फ़हमी पैदा होती है। इस्लाम के नज़रिया जिहाद का गहराई से जायज़ा लेने की ज़रूरत है। इस्लाम में कहीं भी कुफ़्फ़ार पर मज़ालिम की तालीम नहीं दी, आम तौर पर नज़रिया जिहाद का सरसरी जायज़ा लेकर इस्लाम के बारे में गलत फहमियां पैदा कर दी जाती हैं।

प्रो. लोरेंस ने मुस्लिम ममालिक में काफ़ी वक़्त गुज़ारा और वहां की तहज़ीब और सक़ाफ़त का क़रीब से जायज़ा लिया है।
उन्हों ने कहा कि वो ईसाई होते हुए दलील के साथ ये कहने के मौक़िफ़ में हैं कि क़ुरआन मजीद बाइबल से ज़्यादा बरतर है और इस सिलसिले में वो दलायल भी पेश कर सकते हैं।

प्रोफ़ेसर लोरेंस ने सूरते वज़हा का हवाला दिया और कहा कि ये एक सूरत क़ुरआन मजीद की बरतरी साबित करने के लिए काफ़ी है। इस मौक़ा पर अमरीकी कौंसिलेट की पब्लिक अफेयर्स ऑफीसर कारला ए बी नैनी और गुरदीत सिंह अस्सिटेंट पब्लिक अफेयर्स ऑफीसर मौजूद थे।

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