Thursday , December 14 2017

इस्लाम दुश्मन मुस्लिम , ख़ूनख़राबा की दानिस्ता साज़िश

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सेक्रेटरी जनरल बैन की मून ने इस्लाम के ख़िलाफ़ गुस्ताख़ी पर मबनी ( बनी) मुतनाज़ा ( विवादित) फ़िल्म की सख़्त अलफ़ाज़ में मुज़म्मत ( बुराई/ निन्दा) की है। इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ सारे मशरिक़ी वुसता में अमेरीका के ख़िलाफ़ परत

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सेक्रेटरी जनरल बैन की मून ने इस्लाम के ख़िलाफ़ गुस्ताख़ी पर मबनी ( बनी) मुतनाज़ा ( विवादित) फ़िल्म की सख़्त अलफ़ाज़ में मुज़म्मत ( बुराई/ निन्दा) की है। इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ सारे मशरिक़ी वुसता में अमेरीका के ख़िलाफ़ परतशद्दुद एहितजाजी मुज़ाहिरों का सिलसिला चल पड़ा है।

बैन की मून ने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि नफ़रत पर मबनी ( बनी) फ़िल्म ख़ूनख़राबा के लिए उकसाने की एक दानिस्ता कोशिश के तौर पर बनाई गई है। इस के साथ मिस्टर बैन की मून ( Ban ki Moon) ने कहा कि इसराईली अमेरीका की तरफ़ से बनाई गई इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ एहतिजाज ( विवाद) के नाम पर लीबिया, मिस्र, यमन और दीगर ( अन्य/ दूसरे) ममालिक ( देशों) में परतशद्दुद हमलों और हलाकतों का कोई जवाज़ ( उचित/ जायज) भी नहीं है।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सेक्रेटरी जनरल के तर्जुमान की तरफ़ से जारी करदा सहाफ़ती ब्यान में कहा गया है की बैन की मून ने नफ़रत पर मबनी ( बनी) इस फ़िल्म की सख़्त मुज़म्मत की है और कहा कि ऐसा मालूम होता है ख़ून खराबा, नफ़रत और तशद्दुद के बीज बोने की दानिस्ता कोशिश के तौर पर ये फ़िल्म बनाई गई है, लेकिन इस फ़िल्म के ख़िलाफ़ एहतिजाज के नाम पर परतशद्दुद हमलों और हलाकतों को भी हक़बजानिब ( सच्चाई की ओर) क़रार नहीं दिया जा सकता।

उन्होंने इस मसला पर बढ़ती कशीदगी के दौरान लीबिया और सारे मशरिक़ वुसता में सब्र व सुकून बरक़रार रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मिस्टर बैन की मून ने इस मसला पर मुज़ाकरात (बातचीत) , बाहमी एहतिराम और मुफ़ाहमत का रास्ता इख़तियार करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

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