Friday , June 22 2018

इस मुस्लिम देश के खिलाफ़ क़तर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय कोर्ट, तनाव बढ़ा!

अल जजीरा के मुताबिक, कतर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को खाड़ी संकट के पीछे मानव अधिकारों के उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में UAE के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

संयुक्त अरब अमीरात के एक साल बाद, सऊदी अरब, बहरीन और मिस्र ने कतर के खिलाफ आतंकवादी समूहों के कथित समर्थन के लिए एक वायु, भूमि और समुद्री नाकाबंदी लगाते हुए क़तर के साथ अपने सभी राजनयिक सम्बन्ध खत्म कर लिए है।

दोहा ने कतरी लोगों के खिलाफ भेदभाव करने वाले उपायों की एक श्रृंखला शुरू करने के लिए अमीरात के खिलाफ एक प्रस्ताव दायर किया है।

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, उपायों में संयुक्त अरब अमीरात से कतरियों को निष्कासित करना, उन्हें अमीरात में प्रवेश करने या गुजरने से रोकना और कतर में संयुक्त अरब अमीरात के हवाई अड्डे और बंदरगाहों को बंद करना शामिल है।

कतरी सरकार ने कहा, “जैसा कि कतर के आवेदन में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में विस्तार से बताया गया है, संयुक्त अरब अमीरात ने इन कार्रवाइयों का नेतृत्व किया, जिसने कतरियों के मानवाधिकारों और कतर के निवासियों पर विनाशकारी प्रभाव डाला है।

अल जज़ीरा के मुताबिक, कतर का मानना ​​है कि संयुक्त अरब अमीरात के उपायों ने नस्लीय प्रसार (सीईआरडी) के सभी रूपों के उन्मूलन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उल्लंघन किया है।

क़तर ने हेग स्थित इंटरनैश्नल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में सोमवार को दायर किए गए केस में अबू धाबी पर क़तर और क़तरी नागरिकों के ख़िलाफ़ पक्षपाती रवैया अपनाने का इल्ज़ाम लगाया है और क़तरी नागरिकों को अपने यहां से निकालने तथा दोहा को उसके एयरस्पेस के इस्तेमाल से रोकने के यूएई के फ़ैसले को इस इल्ज़ाम का आधार बनाया।

क़तरी सरकार ने अपने बयान में कहा- क़तर की ओर से अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में दायर की गयी अर्ज़ी में कहा गया है कि यूएई की इन कार्यवाहियों का क़तरी आवासियों और क़तरियों के मानवाधिकार पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

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