Monday , December 11 2017

इ-शॉपिंग कंपनियां नहीं ले रहीं ऑर्डर

इस बार दीवाली में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की बंपर सेल की धूम बिहार में नहीं मच पायी है। रियासत के कारोबारी महकमा की जबरदस्त धमक की वजह इन कंपनियों का धंधा ठंडा पड़ गया है। ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट समेत कुछ दीगर ने तो बिहार के गहकों

इस बार दीवाली में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों की बंपर सेल की धूम बिहार में नहीं मच पायी है। रियासत के कारोबारी महकमा की जबरदस्त धमक की वजह इन कंपनियों का धंधा ठंडा पड़ गया है। ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट समेत कुछ दीगर ने तो बिहार के गहकों से ऑर्डर लेना भी बंद कर दिया है। इनकी साइटों पर किसी तरह का ऑर्डर करने पर कंपनी मैसेज देती है कि फिलहाल डिलिवरी मुमकिन नहीं है। इसके अलावा जबोंग, माइंत्र, स्नैपडील, अमेजन समेत कई कंपनियां ऑर्डर तो ले रही हैं, लेकिन डिलिवरी का वक़्त ज़्यादा से ज़्यादा 25 दिनों तक का दे रही हैं। इधर, कारोबारी टैक्स महकमा ऑनलाइन कारोबार करनेवाली कंपनियों पर एक नया इंट्री टैक्स लगाने की तजवीज लाने पर गौर कर रही हैं।

हालांकि, इससे जुड़े कई पहलुओं पर गौर करने के बाद महकमा को इस नये तजवीज को एसेम्बली से पास कराना होगा, तभी यह लागू हो पायेगा। महकमा इसे लागू करने से पहले तमाम अहम बातों और नियमों पर गौर करने की तैयारी में है।

मेंटेन करना होगा रजिस्टर

कारोबारी टैक्स महकमा ने इ-शॉपिंग का सामान पहुंचानेवाली तमाम कूरियर कंपनियों को एक रजिस्टर मेनटेन करने को कहा है। इसमें सामान मंगवानेवाले हर सख्श का पूरा तफसील दर्ज होगा। किस सख्श ने कितनी बार कौन-कौन-सा सामान मंगवाया है।

महकमा को कुछ मामले भी मिले हैं, जिसमें कोई छोटे व्यापारी ऑनलाइन कंपनियों से मोटे डिस्काउंट पर सामान को मंगवाकर इसे आम दाम पर बेचते हैं। ज़ाती शॉपिंग की आड़ में कारोबार करनेवालों पर नकेल कसने की तैयारी के मद्देनजर यह निजाम की जा रही है। तमाम कूरियर कंपनियों को इसे फौरन लागू करने को कहा गया है।

नहीं पहुंच रहा लोगों तक सामान

कारोबारी टैक्स महकमा ने ऑनलाइन कंपनियों के लिए माल पहुंचानेवाली तीन कूरियर कंपनियों फेड-एक्स, डब्ल्यूएस रिटेल और डिलिवरी डॉट कॉम के तमाम गोदामों को सील कर दिया है। इनके माल की जांच चल रही है। ज़ाती शॉपिंग के नाम पर कारोबार की खोजबीन पार्सल की जांच कर चल रही है। लेकिन, इससे ऑनलाइन सामान मंगवानेवाले लोगों की काफी फजीहत हो रही है। कुछ के सामान लौट गये हैं, तो कुछ के गोदाम में पड़े हुए हैं। जिन गाहकों ने एडवांस में पैसे दे दिये हैं, उनका पैसा भी फंस गया है। रियासत में ऑनलाइन शॉपिंग से करीब 20-25 लाख गाहक जुड़े हुए हैं।

TOPPOPULARRECENT