Friday , January 19 2018

ईद के दिन बर्क़ी(बिजली) सरबराही में ख़लल(रोकावट) सफ़ाई के नाक़िस इंतिज़ामात

दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद ही नहीं बल्कि पूरी रियासत के लिये ईदैन-ओ-तेहवारों के मवाक़े पर बर्क़ी(बिजली) सरबराही , आबरसानी और बलदयात को ख़ुसूसी हिदायात जारी करते हुए इस बात का पाबंद बनाया जाता है कि महिकमा बर्क़ी(बिजली) रिया

दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद ही नहीं बल्कि पूरी रियासत के लिये ईदैन-ओ-तेहवारों के मवाक़े पर बर्क़ी(बिजली) सरबराही , आबरसानी और बलदयात को ख़ुसूसी हिदायात जारी करते हुए इस बात का पाबंद बनाया जाता है कि महिकमा बर्क़ी(बिजली) रियासत भर में ईद-ओ-तहवार के मौक़ा पर बेला वक़फ़ा बर्क़ी(बिजली)सरबराही को यक़ीनी बनाए , महिकमा आ बरसानी की जानिब से वाफ़र पानी की सरबराही को यक़ीनी बनाया जाय

और बलदिया को साफ़ सफ़ाई के ख़ुसूसी इंतिज़ामात की हिदायात जारी की जाती हैं लेकिन अफ़सोस कि दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद में ईद उल फ़ितर के मौक़ा पर एसा कुछ नज़र नहीं आया ।

दोनों शहरों के बेशतर हिस्सों में ना ही ख़ुसूसी सफ़ाई और जारूब कशी के इक़दामात किए गए और ना ही वाफ़र सरबराही आब(पानी) के इंतिज़ामात किये गए थे । महिकमा ट्रांस्को पर शायद अब हुकूमत का कोई कंट्रोल बाक़ी नहीं है ।

इफ़तार ता सह्र के दरमियान बिला वक़फ़ा बर्क़ी(बिजली) सरबराही को यक़ीनी बनाया जाय लेकिन शहर के बेशतर इलाक़ों से इस बात की शिकायात मौसूल होती रही कि इफ़तार से सह्र के दरमियान भी बर्क़ी (बिजली) सरबराही में ख़लल(रोकावट) पैदा हुआ और ईद उल फ़ितर के दिन सुबह के औक़ात में बेला वक़फ़ा बर्क़ी(बिजली) सरबराही को यक़ीनी बनाने के अहकाम जारी किए गए थे

लेकिन उन पर तो अमल नहीं हुआ बल्कि कई इलाक़ों में कटौती से दो घंटा ज़्यादा बर्क़ी(बिजली) सरबराही ग़ायब रही ।।

TOPPOPULARRECENT