Monday , December 11 2017

ईरान का तारीखी मुआहेदा

ईरान ने आज अपने न्यूक्लीयर प्रोग्राम के ताल्लुक़ से आलमी ताक़तों के साथ तारीख़ी मुआमलत तय की है। ईरान को तहदीदात के मुआमले में जहां किसी क़दर राहत मिलेगी, वहीं उसने न्यूक्लीयर प्रोग्राम पर बाअज़ समझौतों से इत्तिफ़ाक़ किया है। ये एक ग़

ईरान ने आज अपने न्यूक्लीयर प्रोग्राम के ताल्लुक़ से आलमी ताक़तों के साथ तारीख़ी मुआमलत तय की है। ईरान को तहदीदात के मुआमले में जहां किसी क़दर राहत मिलेगी, वहीं उसने न्यूक्लीयर प्रोग्राम पर बाअज़ समझौतों से इत्तिफ़ाक़ किया है। ये एक ग़ैरमामूली कामयाबी तसव्वुर की जा रही है, क्योंकि ईरान और मग़रिबी ममालिक के माबैन इस तनाज़े पर काफ़ी अर्से से तात्तुल चला आरहा है।
P5+1 ममालिक यानी अमरीका, बर्तानिया, रूस, चीन, फ़्रांस और जर्मनी के नुमाइंदों ने ईरान के साथ चार दिन के मुज़ाकरात को पाया-ए-तकमील तक पहुंचाया और जिनेवा में एक मुआहिदा तए पाया। यूरोपी यूनीयन ख़ारिजा पालिसी सरबराह कैथरीन एश्टन ने मुआमेलत का रस्मी तौर पर ऐलान किया। ईरान ने इन्सपेक्टर्स को रसाई और यूरेनियम अफ़ज़ूदगी के बाअज़ कामों को रोक देने से इत्तिफ़ाक़ किया है, लेकिन ईरानी मुज़ाकरातकारों ने कहा है कि न्यूक्लीयर तवानाई का उन्हें अब भी हक़ हासिल है।

इसके जवाब में छः माह तक ईरान पर नई न्यूक्लीयर तहदीदात आइद नहीं की जाएंगी। सदर अमरीका बराक ओबामा ने क़ौम से टेलीविज़न पर ख़िताब करते हुए इस मुआहिदे को ग़ैरमामूली कामयाबी क़रार दिया और कहा कि इससे ईरान को न्यूक्लीयर हथियार तैयार करने से रोकने में मदद मिलेगी। ओबामा ने कहा कि आज अमरीका और हमारे क़रीबी हलीफ़ ममालिक ने मिल कर ईरान के न्यूक्लीयर प्रोग्राम पर तशवीश को दूर करने और इस का एक मोस्सर हल तलाश करने की सिम्त नुमायां पेशरफ़त की है। उन्होंने कहा कि ये डिप्लोमेसी दुनिया के लिए एक नई राह खोलने में मददगार होगी जिससे ये दुनिया मज़ीद महफ़ूज़ होजाएगी। मुस्तक़बिल में इस बात को यक़ीनी बनाया जा सकेगा कि ईरान का न्यूक्लीयर प्रोग्राम पुरअमन अग़राज़ के लिए है और वो न्यूक्लीयर हथियार तैयार नहीं करेगा।

अमरीकी सेक्रेटरी आफ़ स्टेट जान कैरी जो कल जिनेवा मुज़ाकरात में शरीक हुए, कहा कि ये मुआहिदा ना सिर्फ़ इस इलाक़ा बल्कि इस के हलीफ़ों समेत इसराईल को महफ़ूज़ बनादेगा।

सदर ईरान हसन रुहानी ने इस मुआहिदे का ख़ैरमक़दम करते हुए कहा कि इस से नई राहें खुलींगी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि तामीरी मुज़ाकरात और फ़रीक़ैन की अनथक कोशिशों के नतीजा में नई राहें खुल रही हैं।

ईरान के वज़ीर-ए-ख़ारजा मुहम्मद जव्वाद ज़रीफ़ ने कहा कि ये हमारे लिए न्यूक्लीयर प्रोग्राम की पुरअमन नौईयत के बारे में शुबहात को दूर करने का बेहतरीन मौक़ा है। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ़ पहला क़दम है, ताहम उन्होंने वाज़िह तौर पर कहा कि ईरान यूरेनियम अफ़ज़ूदगी के अपने हक़ से दस्तबरदार नहीं होगा। हुकूमत इसराईल ने इस मुआमलत पर नुक्ता चीनी की और कहा कि इसराईल इस मुआहिदे का पाबंद महसूस नहीं करता। वज़ीर-ए-आज़म बिंजा मिन नितिन याहू के दफ़्तर से जारी करदा एक बयान में कहा गया है कि ये एक ख़राब मुआहिदा है जिसमें ईरान को वो चीज़ दी गई जो वो चाहता था। तहदीदात की जुज़वी बर्ख़ास्तगी न्यूक्लीयर प्रोग्राम का ज़रूरी हिस्सा था। अमरीका और इस के हलीफ़ ममालिक का ईरान के साथ न्यूकलीयर मसला पर जो मुआहिदा हुआ है इस से ईरान को आइन्दा छः माह के दौरान मआशी तहदीदात के मुआमला में तक़रीबन 7 बिलीयन डॉलर्स की राहत मिल सकती है ।

वाईट हाइज़ ने ईरान के साथ हुए मुआहिदे के ताल्लुक़ से तफ़सीलात बताते हुए कहा है कि अगर ईरान इस मुआहिदे पर पाबंद रहता है और उस की शराइत की ख़िलाफ़वरज़ी से गुरेज़ करता है तो उसे आइन्दा छः माह के दौरान मज़ीद तहदीदात का सामना करना नहीं पड़ सकता। अमरीकी इंतिज़ामीया का कहना है कि तहदीदात में नरमी के नतीजा में ईरान को 7 बिलीयन डॉलर्स की राहत नसीब होसकती है ।

TOPPOPULARRECENT