ईरान के साथ जौहरी मुआहिदा बहुत मुश्किल है – अमरीका

ईरान के साथ जौहरी मुआहिदा बहुत मुश्किल है – अमरीका
अमरीका के एक सीनियर ओहदेदार का कहना है कि आलमी ताक़तों के लिए ईरान के साथ इस के जौहरी प्रोग्राम के तनाज़े पर किसी मुआहिदे तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इस अमरीकी ओहदेदार ने ये बात कल जिनेवा में अक़वामे मुत्तहिदा की सलामती कौंसिल क

अमरीका के एक सीनियर ओहदेदार का कहना है कि आलमी ताक़तों के लिए ईरान के साथ इस के जौहरी प्रोग्राम के तनाज़े पर किसी मुआहिदे तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इस अमरीकी ओहदेदार ने ये बात कल जिनेवा में अक़वामे मुत्तहिदा की सलामती कौंसिल के पाँच मुस्तक़िल रुक्न ममालिक और जर्मनी के ईरान के साथ मुज़ाकरात के बाद सहाफ़ीयों से गुफ़्तगु करते हुए कही है।

उन्हों ने कहा कि मेरे ख़्याल में हम ये मुआहिदा कर सकते हैं लेकिन ये बहुत मुश्किल होगा। इस ओहदेदार का कहना था कि अगर ईरान के साथ इस के मुतनाज़ा जौहरी प्रोग्राम को महदूद करने के लिए कोई इबतिदाई मुआहिदा तय भी पा जाता है तो इस के ख़िलाफ़ आयद पाबंदीयां बदस्तूर बरक़रार रहेंगी और अमरीका इन का नफ़ाज़ जारी रखेगा।

जिनेवा में ईरान और छः बड़ी ताक़तों के दरमयान मुज़ाकरात का पहला सेशन आग़ाज़ के सिर्फ़ दस मिनट के बाद ही ख़त्म हो गया था। ख़ामीनई ने तेहरान में बासीज मिलिशिया के जंगजूओं से ख़िताब करते हुए कहा कि में जौहरी हक़ समेत ईरानी क़ौम के हुक़ूक़ को मुस्तहकम बनाने पर ज़ोर दूंगा।

Top Stories