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ईरान को सऊदी अरब का इंतिबाह (चेतावनी)

सऊदी अरब ने एक बार फिर ये कहा है कि वो ख़लीजी अरब ममालिक के आला (उच्च) इक़्तेदार (शासन, सत्ता) को दी जाने वाली धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। सऊदी अरब ने ईरान को ये तंबीया सदर महमूद अहमदी नज़ाद के एक जज़ीरे के दौरा के बाद की है जिस पर ईरान और म

सऊदी अरब ने एक बार फिर ये कहा है कि वो ख़लीजी अरब ममालिक के आला (उच्च) इक़्तेदार (शासन, सत्ता) को दी जाने वाली धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। सऊदी अरब ने ईरान को ये तंबीया सदर महमूद अहमदी नज़ाद के एक जज़ीरे के दौरा के बाद की है जिस पर ईरान और मुत्तहदा अरब अमीरात दोनों का दावे है। ये वार्निंग ऐसे वक़्त आई है जब ईरान के मुआमले पर ख़ित्ते में मायूसी बढ़ती जा रही है।

शीयों की क़ियादत में बहरैन में बेचैनी में इज़ाफ़ा हो रहा है । एक साल क़ब्ल हुक्मराँ अल-ख़लीफ़ा ख़ानदान ने ममलकत में इंतिफ़ा ज़ा को कुचलने के लिए सऊदी और मुत्तहदा अरब अमीरात की फ़ौज की मदद ली थी। ख़लीज के सुन्नी मुस्लिम रहनुमा इन इंतिफ़ा (फायदा उठाना)को मस्लकी तसव्वुर करते हैं जिसे ईरान की हिमायत हासिल है।

सऊदी अरब के शहज़ादा नायेफ़ ने रियाद में ख़लीजी तआवुन कौंसल के वुज़राए दाख़िला की मीटिंग में कहा कि हमारे ममालिक में से अगर किसी को भी नुक़्सान पहुंचा तो इस का मतलब ये होगा कि हम सभी को नुक़्सान पहुंचाया गया। शहज़ादा नायेफ़ ने जज़ीरे पर ईरान के क़ब्ज़े और बहरैन में होने वाले वाक़्यात में इस के रोल की मुज़म्मत की।

उन्होंने कहा कि हम इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सऊदी अरब और कौंसल के बाक़ी ममालिक बहरैन और मुत्तहदा अरब अमीरात के आली इक़्तेदार और इस्तेहकाम के तहफ़्फ़ुज़ के लिए एक साथ खड़े हैं। हम उन की सलामती को मजमूई तौर पर कौंसल की स्कियोरिटी का हिस्सा तसव्वुर करते हैं।

अहमदी नज़ाद ने ग्यारह अप्रैल को जज़ीरा अबू मौसी का दौरा किया था ये जज़ीरा ख़लीज के इन तीन जज़ीरों में से एक है जिस पर मुत्तहदा अरब अमीरात का भी दावे है।

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