Thursday , December 14 2017

ईरान: ख्वातीन की पोशाक पर नजर रखेगा गश्ती ज़मआत

ईरानी ख्वातीन को पूरा जिस्म ढककर घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर करने के लिए एक ईरानी Paramilitary Groups ने गश्ती ज़मआत (दल) की तश्कील की है|

ईरानी ख्वातीन को पूरा जिस्म ढककर घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर करने के लिए एक ईरानी Paramilitary Groups ने गश्ती ज़मआत (दल) की तश्कील की है|

गर्मी के मौसम में माडर्न ईरानी ख्वातीन ज्यादा शफ्फाफ नकाब और छोटे बाजू वाले कपड़े पहनने पर जोर देती हैं| ख्वातीन का यह पहनावा क़दामत पसंद तंज़ीमो को रास नहीं आ रहा था|

उनकी मांग थी कि ख्वातीन इस्लामिक रिवायत वाले पूरा जिस्म ढकने वाले हिजाब पहनकर ही घर से बाहर निकलें| ईरान का अंसार-ए-हिजबुल्ला ग्रुप क़दामत पसंद तंज़ीमों से एक कदम आगे निकल गया है|

उसने इस्लामी पोशाक न मानने वाली ख्वातीन खासकर नौजवान ख्वातीन की पहचान करने के लिए गश्ती ज़मआत की तश्कील की है| अहम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की ताईद वाले Paramilitary Groups ने दावा किया है कि उसने ऐसे दर्जनों ग्रुप्स को तरबियत दी है और गश्ती करने का हुक्म दिया है|

गश्ती दल में मौजूद तीन हजार ख्वातीन व एक हजार मर्द उन ख्वातीन को वार्निंग देने का काम करेंगे, जो उनके मुताबिक, इस्लामी जम्हूरिया के लिए ज़रूरी सआदत मंदी के नियमों की खिलाफवर्जी करती पाई जाएंगी|

सदर रूहानी ने इंतेखाबात के पहले लोगों से वादा किया था कि वह सामाज़ी आज़ादी फराहम करेंगे और उनके राज में कोई भी फैसला लोगों पर थोपा नहीं जाएगा. इसके ठीक बाद शिद्दत पसंद की यह कार्रवाई सामने आई है|

अंसार-ए-हिजबुल्ला के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल हामिद मोहताशम ने कहा, “बदउनवानी फैलाने वालों को कुचलना जरूरी है|” तेहरान की 29 साला खातून ने कहा, “यह मज़हबी तानाशाही है|” उनकी 26 साला क्लासमेट शर्शानी का कहना है, “इस तरह के हरकत से लोगों के लिये एहतेराम न होने का पता चलता है|”

उन्होंने कहा, “हर शख्स को अपनी पसंद की पोशाक चुनने का हक होना चाहिए|” सयाहत (टूरिस्ट) कंपनी के लिए काम करने वाली फातिमा ने कहा, “दिगर मुस्लिम मुल्क जैसे तुर्की में कुछ ख्वातीन नकाब पहनती हैं, जबकि कुछ नहीं|”

हामिद मोहताशम ने कहा, “इसका मतलब यह नहीं कि नकाब नहीं पहनने वाली ख्वातीन को वहां गिरी हुई नज़र से देखा जाता है| लेकिन यहां वैसी ख्वातीन को नफरत भरी निगाहों से देखा जाता है|सिर्फ इसलिए कि हम सज-धज कर रहती हैं|”

नज़रियाती तौर से घर से बाहर हमें बालों को ढककर रखना होता है, जबकि हम ऐसा नहीं करते हैं|ऐसा करके हम हर वक्त एक डर के साये में जीने को मजबूर रहते हैं|

ईरान के Interior Minister अब्दुल रजा रहमानी-फाजली ने कहा कि इस तरह की गश्ती के लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत होती है| हम देखेंगे कि इस तरह की इज़ाज़त ली गई है या नहीं|

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